
New Delhi : राज्यसभा में कृषि बिल पेश करने के दौरान विपक्ष के कुछ सांसदों ने हंगामा किया था. इससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी. इस घटना पर सभापति वेंकैया नायडू ने दुख प्रकट किया है. उन्होंने हंगामा करने वाले 8 सांसदों को निलंबित कर दिया है. जिन सांसदों को निलंबित किया गया है उनमें डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, रिपुन बोरा, नजीर हुसैन, केके रोगेश, ए करीम, राजीव साटक और डोला सेन शामिल हैं. सभापति ने इन सांसदों के हंगामें को अनुचित और असंसदीय मानते हुए इन्हें एक हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया है. इससे अब ये सांसद मौजूदा सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं हे सकेंगे.
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उपसभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज
विपक्ष ने एक दिन पहले कृषि से संबंधित दो विधेयक पर विपक्ष के संशोधनों पर मतविभाजन की मांग स्वीकार नहीं किए जाने को लेकर उपसभापति के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था. सभापति ने इसे भी खारिज कर दिया है. गौरतलब है कि 20 सितंबर को केंद्र सरकार के द्वारा कृषि पर विधेयक लाया गया था. इस दौरान टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन सहित विपक्ष के सांसदों ने हंगामा किया था. डेरेक ओ ब्रायन उपसभापति के वेल तक पहुंच गये थे. उन्होंने उपसभापति के सामने जाकर नारेबाजी की और पर्चियां भी फाड़ी. इस दौरान उपसभापति के सामने रखी माइक भी टूट गयी थी. इस हंगामे के बीच ही कृषि से संबंधित दो विधेयक पारित करा लिया गया. हालांकि इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही रोकनी पड़ी थी.
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सभापति ने घटना पर नाराजगी जाहिर की
सभापति वेंकैया नायडू ने हंगामा करने की निंदा की और इस घटना पर अपनी नाराजगी प्रकट की थी. उन्होंने कल की घटना पर कहा कि राज्यसभा के लिए सबसे खराब दिन था. कुछ सांसदों ने पेपर को फेंका. माइक को तोड़ दिया. रूल बुक को फेंका गया. इस घटना से मैं बेहद दुखी हूं. उपसभापति को धमकी दी गई. उनपर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि राज्यसभा में जो कुछ भी हुआ वह दुखद, शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण था.
इधर टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया. जबकि कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस काला कानून बताया.
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