
Ranchi: सरकारी स्कूलों में अन्य भाषाओं के साथ उर्दू की पढ़ाई भी होती है. लेकिन राज्य में उर्दू के शिक्षकों की संख्या में काफी कमी है. राज्य में 4401 उर्दू शिक्षकों के पद है.
इसमें मात्र 689 पदों पर शिक्षक कार्यरत हैं. लगभग 3,712 पद उर्दू शिक्षकों के रिक्त है. कुछ जिलें ऐसे भी है जहां एक भी उर्दू शिक्षक नहीं है. इसमें सिमडेगा, खूंटी, गुमला शामिल हैं. सिमडेगा में 60, खूंटी में 27 और गुमला में 52 पद स्वीकृत है.
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कहां कितने पद स्वीकृत और कितने शिक्षक
कुछ जिलें ऐसे हैं जहां इकाई अंक में शिक्षक कार्यरत हैं. इसमें लातेहार में 135 स्वीकृत पद में दो शिक्षक, दुमका में 53 स्वीकृत पद में दो शिक्षक, जामताड़ा में 60 स्वीकृत पद में नौ शिक्षक, पाकुड़ में 160 स्वीकृत पद में 6 शिक्षक, लोहरदगा में 107 में दो, पूर्वी सिंहभूम में 398 में दो, सरायंकेला खरसावां में 174 पद में तीन और पश्चिमी सिंहभूम में 294 में दो शिक्षक कार्यरत है. हलांकि रांची, पलामू, गढ़वा, हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद, गोड्डा में इन शिक्षकों की अच्छी संख्या है.
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2014 में निकाली गयी थी नियुक्ति, कुछ ने छोड़ा काम
उर्दू शिक्षकों की बहाली के लिये राज्य में 2014 में बहाली निकाली गयी थी. जिसमें लगभग 998 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी. लेकिन इनमें से कुछ शिक्षकों ने बाद में नौकरी छोड़ दी.
कुछ शिक्षकों से बात करने से जानकारी हुई कि कुछ उर्दू शिक्षकों को ऐसी जगह नियुक्त किया गया था, जहां या तो विद्यार्थी नहीं थे और जहां थे वहां उर्दू शिक्षकों को दूसरा विषय पढ़ाने दिया जाता था.
जिससे शिक्षकों को तो परेशानी होती है. उर्दू के इच्छुक छात्रों को भी काफी परेशानी होती है. इसके पहले राज्य में उर्दू विषय में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं निकाली गयी. ऐसे में राज्य गठन के बाद मात्र एक बार इन शिक्षकों की नियुक्ति की गयी.
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इस बार की गयी नियुक्ति में उर्दू शिक्षक नहीं
राज्य कर्मचारी चयन आयेाग की ओर से इस साल टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों की नियुक्ति की गयी. 11 विषयों में शिक्षक नियुक्ति किये गये. हालांकि इसके बाद भी राज्य में शिक्षकों के पद रिक्त हैं. लेकिन इसमें उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति शामिल नहीं है.
फिलहाल इस नियुक्ति पर भी हाइकोर्ट की ओर से चार नवंबर तक के लिये स्टे लगा दिया गया है. राज्य में सिर्फ उर्दू शिक्षकों की कमी ही एक समस्या नहीं है.
समय से इन शिक्षकों को वेतन नहीं मिलना भी एक प्रमुख कारण है. पिछले कुछ महीनों से राज्य के उर्दू शिक्षकों को बीस से पचीस दिन देर से वेतन भुगतान किया जा रहा है.




