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चीन के 51% नागरिक अपने नेताओं से नहीं बल्कि भारत की मोदी सरकार से है खुश: सर्वे

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NW Desk: चीन की एक सरकारी प्रौपेगैंडा अखबार ग्लोबल टाइम्स ने चीन और भारत के संबंधों को लेकर एक सर्वे कराया है. सर्वे में यह बात सामने आयी कि चीन की जनता अपने नेताओं के एक्शन से खुश नहीं हैं. बल्कि वहीं के 51 प्रतिशत नागरिक भारत की मोदी सरकार से खुश हैं. उन्होंने मोदी सरकार की प्रशंसा की है.

इस सर्वे के मुताबिक 70 प्रतिशत चीनी नागरिक ने कहा कि भारत में चीन विरोधी सोच बहुत ज्यादा है. जबकि 30 फीसदी लोगों का यह मानना है कि आने वाले समय में दोनों देश के बीच संबंध ठीक होंगे. 9% लोगों ने सर्वे में कहा कि कम समय में ही दोनों देश के बीच के संबंध ठीक हो जाएंगे. जबकि 25 प्रतिशत लोगों ने कहा कि लंबी अवधि में संबंधों में सुधार होगा.

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मोदी ने कहा थाः ना कोई घुसा, ना कोई पोस्ट कब्जा हुआ

चीनी नागिरकों का यह रुझान  तब है जब लद्दाख में चीन और भारतीय सेना आमने सामने हैं. दो माह पहले वहां हमारे 20 सैनिक शहीद हो चुके हैं. भारत में यह माहौल बनाया गया है कि कांग्रेस पार्टी चीनी सरकार के नजदीक है.

पर, वहां हुए सर्वे से चीन की जनता मोदी सरकार से खुश है. इस तथ्य को कुछ लोग हाल के मोदी के उस बयान से जोड़ करके भी देख रहे हैं, जिसमें उन्होंने लद्दाख मुद्दे पर कहा था कि ना ही कोई घुसा, ना ही किसी पोस्ट पर कब्जा हुआ. मोदी के इस बयान से लद्दाख विवाद में चीन को अंतराष्ट्रीय स्तर पर फायदा पहुंचा था. यह भी उल्लेखनीय है कि मोदी ने मुख्यमंत्री और प्राधानमंत्री के रुप में चीन का सबसे अधिक दौरा करने वाले भारतीय राजनेता हैं. चीन से सबसे अधिक निवेश भी गुजरात में ही किया गया है. जहां के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार मर्तबा चीन का दौरा किया था.

 

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भारतीयों को लुभाने की कोशिश में हुवावे

इधर चीन की विवोदों में चल रही टेक कंपनी हुवावे भारत की जनता को लुभाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है. कंपनी बड़े-बड़े विज्ञापन दे रही है. कंपनी का कहना है कि वह भारत में पिछले 20 साल से काम कर रही है और इसी वजह से वह वह भारत के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं यह भी बताया जा रहा है कि भारत सरकार कथित तौर पर हुवावे पर बैन लगाने की जगह टेलिकॉम कंपनियों को यह संकेत दिया है कि वह चीनी कंपनियों से दूर रहे. जबकि अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने हुवावे पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है. न्यूजीलैंड ने भी हुवावे पर आंशिक बैन लगाया है.

गौरतलब है कि तीन महीने पहले भारत और जचीन सेना के बीच लद्दाख के गलवान घाटी में खूनी संघर्ष हुआ था. जिसके बाद चीनी अखबार के द्वारा यह सर्वे कराया गया है. जबकि इस खूनी संघर्ष के बाद भारत के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के साथ संबंध खत्म करने की बात कही थी. जिसके बाद भारत में टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप को बंद कर दिया गया था.

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