
Saurav Singh
Ranchi: झारखंड के 24 जिलों के थानों में वर्तमान में 37,159 स्थायी वारंट आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लंबे समय से लंबित हैं. पुलिस इन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रही है. सबसे अधिक 7,385 लंबित वारंट देवघर जिले में हैं. जबकि सबसे कम 46 लंबित वारंट पलामू में हैं.
मालूम हो कि राज्य के हर थाना में रोजाना कोर्ट द्वारा जारी वारंट एसएसपी, एसपी कार्यालय से होते हुए थाना पहुंचता है. वारंट पर तिथि निर्धारित रहती है कि उसे कितने दिनों तक कार्रवाई कर वापस लौटाना है. थाने में रोजाना कम से कम 10 व अधिक से अधिक 25 की संख्या में वांरट आते हैं. वारंट पर तुरंत कार्रवाई नहीं होने की वजह से ये लंबित हो जाते हैं. वारंट थानों में लंबित होने की वजह के अपराधियों को भी इसका फायदा होता है.
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थानों में कई बार दबाकर रखा जाता है वारंट
सूत्रों के मुताबिक थानों में सबसे अधिक वारंट दबाकर रखने का काम किया जाता है. थाना में वारंट आने के बाद थानेदार उसे तामिला करने के लिए पदाधिकारियों को देते है. इसके बाद कई बार पदाधिकारी और अनुसंधानकर्ता इसका फायदा उठाते हैं. वारंट को लेकर पदाधिकारी आरोपी को गिरफ्तार करने की बजाए उन तक मैसेज पहुंचाते है कि कोर्ट से वारंट जारी हुआ है, वे उनसे आकर मिले. खुद को बचाने के लिए आरोपी पदाधिकारी के दलाल के जरिए मिलता है और कुछ दिनों की मोहल्लत के लिए वह पदाधिकारी से लेन देनी करता है. छोटे मामले में गिरफ्तारी वारंट को रोकने के लिए पदाधिकारी पांच सौ से हजार रुपए में तैयार हो जाते हैं.
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डीजीपी का आदेश- अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलायें अभियान
डीजीपी एमवी राव ने 10 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के एसएसपी, एसपी और डीआइजी के साथ समीक्षा बैठक की थी. इसमें उन्होंने अपराधियों और आपराधिक कांडों में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान चलाने के निर्देश दिया.
इसके अलावा उन्होंने पुलिसकर्मियों की छवि में सुधार के निर्देश दिये. इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की जवाबदेही, पुलिसकर्मियों द्वारा भूमि विवाद में संलिप्तता, स्थानांतरित पदाधिकारियों को एक सप्ताह में विरमित करना, साईबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सार्थक कदम के निर्देश दिये थे.
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जानिए किस जिले में कितने वारंट लंबित
झारखंड पुलिस के मुताबिक बोकारो में 1062, धनबाद में 1136, गढ़वा 200, खूंटी 124, लोहरदगा 78, रामगढ़ 276, सरायकेला 481, चतरा 1894, दुमका 592, गिरिडीह 5566 हजारीबाग 4814, कोडरमा 320 पाकुड़ 873 ,रांची 5195, सिमडेगा 171, देवघर 7385, गोड्डा 693, जामताड़ा 507 लातेहार 986, पलामू 46, साहिबगंज 3793 और चाईबासा में 967 वारंट लंबित हैं.




