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वायुसेना के पास फंड की कमी,  हेलिकॉप्‍टरों, मिसाइलों की खरीद प्रभावित!

वायुसेना 36 फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमानों के लिए 59,000 करोड़ रुपये और पांच रूसी एस-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस मिसाइल स्क्वाड्रन के लिए 40,000 करोड़ रुपये में दो गेम-चेंजिंग मेगा डील से उत्साहित है.

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 NewDelhi : वायुसेना के फंड की कमी से जूझने की खबर आयी है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार सूत्रों का कहना है कि 48 और रूसी  Mi-17 V5 मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टर (6, 900 करोड़ रुपये) और 32 अतिरिक्त ब्रिटिश हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर्स (3,500 करोड़ रुपये) जैसे कई सौदे फंड की कमी के कारण ठंडे बस्ते में चले गये है.  कहा गया है कि इसमें रशियन लेजर गाइडिड बम और दुश्मन पर सटीक मार करने वाले दूसरे हथियार भी शामिल हैं.  बताया गया है कि फंड की कमी से देश भर के एयरबेस में बुनियादी ढांचे और रनवे के अपग्रेड पर प्रभाव पड़ रहा है. इनमें से तीन शिलोंग स्थित पूर्वी वायु सेना के अधीन हैं.  हालांकि फंड की कमी धीरे-धीरे हो रही है लेकिन भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की परिचालन तैयारियों पर लगातार प्रभाव पड़ रहा है,   हेलीकॉप्टरों, स्मार्ट बम और मिसाइलों की खरीद के साथ-साथ पश्चिमी और पूर्वी फ्रंट्स पर महत्वपूर्ण एयरबेस के रनवे की मरम्मत को होल्ड पर रखना पड़ रहा है.

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चीन तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में अपने मिलिट्री एविएशन सेटअप को लगातार अपग्रेड कर रहा है

उधर चीन अपने सैनिकों के लिए टीएआर में 14 प्रमुख एयरफील्ड, एडवांस लैंडिंग ग्राउंड और हेलीपैड के अलावा, अंडरग्राउंड हैंगर और पार्किंग बना रहा है, इनमें से कुछ पहाड़ों में सुरंग खोदकर बनाये जा रहे हैं. बता दें कि वेस्टर्न फ्रंट पर आईएएफ द्वारा बकाया बिल न दिये जाने के कारण अवंतीपुर (जम्मू-कश्मीर) और चंडीगढ़ स्टेशनों पर रनवे दोबारा का मामला अदालत पहुंच गया था. यह सब ऐसे समय हो रहा है जब चीन तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (टीएआर) में अपने मिलिट्री एविएशन सेटअप को लगातार अपग्रेड कर रहा है.  सूत्रों के अनुयसा सिरसा और बक्षी-का-तालाब (लखनऊ) जैसे स्टेशनों पर चल रहे काम के साथ-साथ हैदराबाद में आईएएफ अकादमी भी इसी कारण से प्रभावित हो सकती है. हालांकि वायुसेना 36 फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमानों के लिए 59,000 करोड़ रुपये और पांच रूसी एस-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस मिसाइल स्क्वाड्रन के लिए 40,000 करोड़ रुपये में दो गेम-चेंजिंग मेगा डील से उत्साहित है.

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