
New Delhi : कोरोना के कारण करीब 30 बजार बच्चों ने अपने मां-बाप खो दिये. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को कई निर्देश दिये हैं. कोर्ट ने कहा कि इन बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण सरकारें सुनिश्चित करें. उसने राज्य सरकारों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि तमाम अनाथ हुए बच्चों की पढ़ाई निर्बाध गति से जारी रहे.
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो बच्चा सरकारी या प्राइवेट स्कूल, जहां पर भी पढ़ रहा है, उसकी पढ़ाई वहीं पर जारी रहनी चाहिए. उसने राज्य सरकारों के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी ऐसे बच्चों को वित्तीय सहायता देने को कहा है. यही नहीं कोर्ट ने कहा कि अनाथ हुए सभी बच्चों को तुरंत खाना, दवाई और कपड़े मुहैया कराये जायें. कोर्ट ने कहा कि जिन बच्चों के अभिभावक उन्हें रखने में सक्षम नहीं हैं, उन बच्चों को अभी बाल कल्याण समिति (CWC) को सौंपा जाये.
30 हजार बच्चों ने कोरोना में खोये अपने अभिभावक
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 30 हजार बच्चों के अभिभवकों की मृत्यु कोविड-19 महामारी के कारण हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे बच्चों का पता लगा कर लगातार वेबसाइट अपडेट किया जाये.
प. बंगाल सरकार को फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को जबर्दस्त फटकार लगायी. उसने कहा कि राज्य सरकार अनाथ हुए बच्चों की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड नहीं कर रही है जो चिंता का विषय है. उसने कहा कि राज्य सरकार सर्वोच्च अदालत के आदेश का फैसला नहीं समझ पाने का बहाना बना रही है. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के प्रतिनिधि से कहा कि सभी राज्यों ने जानकारी मुहैया करा दी है तो फिर सिर्फ प. बंगाल को ही कन्फ्यूजन क्यों हो रहा है. अदालत ने राज्य से अनाथ बच्चों की जानकारी तुरंत वेबसाइट पर अपडेट करने का आदेश दिया था.
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