
Ranchi : देवघर स्थित मेदिनीडीह पंचायत के किसानों के सामने तीन राइस मीलों ने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. प्रदूषण नियमों का पालन नहीं करने से 200 किसान परिवारों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो गयी है. पीडीआरडी राइस मील, गुरु राइस मील और वैष्णवी राइस मील से निकलने वाला कचरा और राख गोरा बरहमपुर, भौंराजमुआ के गांव के जोरिया (छोटी नदी) में फेंक दिया जाता है. इससे जोरिया किनारे की 100 एकड़ खेती योग्य जमीन की ऊर्वरा शक्ति पर कुप्रभाव पड़ा है. पंचायत की शिकायत पर अब देवघर एसडीओ ने तीनों राइस मीलों को नोटिस जारी किया है. धारा-133 के तहत मील से निकलने वाले राख और कचरा को जहां तहां फेंकना बंद करने को कहा है.
5 सालों से राइस मीलों पर एक्शन नहीं
मेदिनीडीह के ग्रामीणों के अनुसार 5-6 सालों से बंधा (थाना-मोहनपुर, देवघर) स्थित पीडीआरडी राईस मील, गुरु राइस मील और वैष्णवी राइस मीलों के संचालक प्रदूषण मानकों से खिलवाड़ करते रहे हैं. उन्हें किसी नियम कानून का भय नहीं. ग्रामीणों, किसानों के लिये भी उनका रवैया तरीके का नहीं है. यही वजह है कि कई स्तरों पर शिकायत के बावजूद उनका मनमाना रवैया बंद नहीं हुआ. इसके कारण आज की तारीख में 100 एकड़ से अधिक जमीन पर राइस मीलों के राख,गंदगी का बुरा असर पड़ा है. खेती किसानी करने वालों को इसका खामियाजा उठाना पड़ा है.
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क्या कहते हैं प्रधान
मेदिनीडीह के कार्यकारी प्रधान (पूर्व में मुखिया) उमेश यादव कहते हैं कि राइस मीलों के रवैये को देखते हुए 7 अप्रैल को एसडीओ के यहां लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी. जोरिया में पहले सालोभर साफ पानी खेती और दूसरे कामों के लिये उपलब्ध रहा करता था. पर पिछले कुछ वर्षों में राईस मीलों की मनमानी के चलते जोरिया अब नाले की शक्ल में तब्दील हो चुका है. जिला प्रशासन ने भी माना है कि राइस मीलों के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है. यह लोगों और समाज हित में नहीं है. प्रशासन ने शिकायत के बाद अब राइस मीलों को राख औऱ कचरा को जोरिया में फेंकना बंद करने को कहा है.




