
Islamabad : जम्मू -कश्मीर से धारा 370 हटाये जाने के बाद से पाकिस्तान भारत के रिश्तों में बड़ी दरार आ गयी है. पाकिस्तान ने भारत के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी है. खबर है कि इस क्रम में अब तक 13 भारतीय राजनयिक अधिकारी और कर्मचारी अपने परिवारों के साथ पाकिस्तान छोड़ कर भारत आ चुके हैं. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन राजनयिकों ने अस्थायी या फिर स्थायी रूप से पाकिस्तान छोड़ा है.
जान लें कि इससे पहले पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को पाकिस्तान ने भारत वापस जाने को कहा था. पाकिस्तान ने कहा था कि उसने भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को पाकिस्तान से लौट जाने को कहा है. पाकिस्तान ने यह भी निर्णय लिया कि वह अपने नवनियुक्त उच्चायुक्त मोइन उल-हक को दिल्ली नहीं भेजेगा, जहां वह कार्यभार संभालने वाले थे.
पाकिस्तान ने अपने उच्चायुक्त को दिल्ली नहीं भेजा
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के निर्णय के अनुसार, भारत सरकार को बता दिया गया है कि वह पाकिस्तान स्थित अपने उच्चायुक्त को वापस बुला ले. प्रवक्ता के अनुसार भारत सरकार को यह भी सूचित किया गया है कि पाकिस्तान अपने नवनियुक्त उच्चायुक्त को दिल्ली नहीं भेज रहा है. इससे पूर्व गुरुवार को पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस की आवाजाही बंद कर दी. पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस को बीच में ही रोक दिया, जिसके बाद भारत ने ड्राइवर भेजकर यात्रियों को अपने देश लायी.
मोदी को खुश करने की कोशिश करने का आरोप
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष और विपक्षी नेता शहबाज शरीफ ने अपने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान पर आरोप लगाया है कि वह कश्मीर का भविष्य बेच रहे हैं. स्थानीय समाचार पत्र के अनुसार, नेशनल असेंबली के संयुक्त सत्र के दौरान शुक्रवार को सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) और पीएमएल-एन के सांसदों ने एक-दूसरे पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुश करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
शहबाज शरीफ ने कहा कि इमरान खान ने कश्मीर का भविष्य बेच दिया. उन्होंने कहा कि इसके अलावा पाकिस्तान सरकार और देश के राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (भ्रष्टाचार विरोधी निकाय) के बीच एक सांठगांठ थी.




