HEALTHJharkhandRanchi

मेंटेनेंस नहीं होने के कारण सड़क से दूर हो रही है 108 एंबुलेंस

Ranchi: राज्य में गरीब और असहाय मरीजों को 108 एंबुलेंस से तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. प्रति एक लाख की आबादी पर एक एंबुलेंस दिया गया है.

पर एंबुलेंस की संख्या पहले की तुलना में कम दिखाई पड़ रही है. वजह यह है कि गाड़ियों में लंबे समय से मेंटेनेंस नहीं हो सका है. कई गाड़ियां मेंटेनेंस के अभाव में एनएचएम कैंपस में खड़ी हैं.

एंबुलेंस चालकों का कहना है कि मेंटेनेंस के लिए लाते हैं तो दस से पंद्रह दिन तक इंतजार करना पड़ता है. मेंटेनेंस नहीं हो पाने के कारण सड़क में ले जाना उचित नहीं होता.

उन्होंने बताय कि एंबुलेंस को हमें अधिकतर समय काफी रफ्तार में चलाना पड़ता है, इसलिए जोखिम नहीं लेते. उन्होंने बताया कि सही समय से मेटेनेंस नहीं होने के कारण फिलहाल काफी संख्या में एबुलेंस सड़क से दूर हैं.

इसे भी पढ़ें : #Dhanbad : भूमि पूजन के दौरान चली गोली, आधा दर्जन लोग घायल, पुलिस ने चटकायी लाठियां

अब 108 एंबुलेंस सेवा से सीधे पहुंचा जा सकता है रांची

पिछली सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 108 एंबुलेंस सेवा में हेमंत सरकार ने एक बड़ी सुविधा जोड़ी है. हेमंत सोरेन की कैबिनेट के निर्णय के मुताबिक 108 एंबुलेंस से सीधे मरीज रिम्स जैसे अस्पतालों में जा सकता है. इसमें शर्त यह रहेगी कि मरीज या उसके परिजन की सहमति होनी चाहिए.

इससे पहले एक्सीडेंट होने पर एंबुलेंस सेवा के तहत सीधे घर से पास के स्वास्थ्य उपक्रमों में ही पहुंचाना था. काफी जरुरी होने पर भी उन्हीं अस्पतालों में ही पहुंचाने की अनुमति दी.

वहां से रेफर किये जाने पर ही संबंधित अस्पतालों में पहुंचाया जाता था. अब इसके लिए न तो मरीज न ही एंबुलेंस सेवा के कर्मी बाध्य हैं.

इसे भी पढ़ें : #RanchiPolice की लचर पुलिसिंग के चलते कई चर्चित मामले फाइलों में हो गये दफन

108 एंबुलेंस के ड्राइवरों पर भी रखी जा रही नजर

108 एंबुलेंस के ड्राइवर द्वारा अस्पताल के साथ मिलीभगत कर सीधे मरीज को प्राइवेट अस्पतालों में पहुंचा देने संबंधी सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभाग इस पर भी कड़ाई से नजर रख रहा है.

108 एंबुलेंस के ड्राइवरों को एक मरीज पहुंचाने के बदले 500 से 700 रुपये तक भुगतान किया जा रहा है. रात में हुए एक्सीडेंट के मरीजों से अधिक वसूली की बात सामने आयी है. इसके अलावा रात को 108 से आने वाले मरीजों को प्राइवेट अस्पताल पहुंचाने के ज्यादा मामलों का पता चला है.  रहा है.

इसे भी पढ़ें : पलामू: वन विभाग की मनमानी, घर के आंगन में खोदा ट्रेंच, फसल पर चलायी जेसीबी  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button