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#RanchiPolice की लचर पुलिसिंग के चलते कई चर्चित मामले फाइलों में हो गये दफन

Ranchi: राजधानी की पुलिसिंग दिन-प्रतिदिन लचर होती जा रही है. लंबे समय बाद भी पुलिस कई चर्चित मामलों का खुलासा नहीं कर पायी है. ऐसे कई मामले एक तरह से फाइलों में दफन हो गये हैं.

हत्या, लूट, दुष्कर्म और अपहरण के कई मामलों में थानेदार वर्कलोड का हवाले देकर बचने का प्रयास करते हैं. लेकिन जिन मामलों में थानेदार के फंसने का अंदेशा रहता है, उनका निबटारा जल्द कर लिया जाता है.

उदाहरण के तौर पर जेल हाजत से कैदी के फरार होने पर वरीय अधिकारी थानेदार को नाप लेते हैं. इसमें थानेदार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी होती है.

इससे बचने के लिए थानेदार 24 घंटे के अंदर ही कैदी को पकड़ लेते हैं, जबकि हत्या और दुष्कर्म जैसे मामलों को सुलझाने में पुलिस नाकाम रहती है. पुलिस डायरी में ऐसे कई मामले दबे पड़े हैं.

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ये हैं कुछ चर्चित मामले

9 दिसंबर 2018

अमित टोपनो को अज्ञात अपराधियों ने गोली मार दी थी. इसके बाद सुबह अमित टोपनो का शव डोरंडा थाना क्षेत्र के घाघरा से सड़क किनारे बरामद हुआ था. झारखंड के युवा आदिवासी पत्रकार अमित टोपनो की हत्या के करीब एक वर्ष से ज्यादा बीत जाने के बाद भी गुत्थी अनसुलझी है. वे खूंटी जिले के तपकारा के निचितपुर गांव के रहने वाले थे.

29 दिसंबर 2018

डोरंडा थाना क्षेत्र के बड़ा घाघरा में जमीन विवाद के चलते अरुण किस्पोट्टा नाम के व्यक्ति को गोली मार दी गयी. उसे घायलावस्था में रिम्स में भर्ती कराया गया, जहां अगली सुबह उसकी मौत हो गयी थी. इस मामले में भी पुलिस हत्यारे को गिरफ्तार नहीं कर पायी है.

2 दिसंबर 2018

पंडरा ओपी क्षेत्र स्थित बजरा के मुंडा चौक का सामी मुंडा अपने होटल के लिए पानी लाने निकला था. इसी दौरान बाइक सवार दो अपराधी वहां पहुंचे और रास्ता पूछने के बहाने सामी मुंडा को गोली मार दी थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें रिम्स रेफर किया गया था. लेकिन 15 दिसंबर को रिम्स में ऑपरेशन के दौरान सामी मुंडा की मौत हो गयी थी.

इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में खासा रोष देखा गया था. इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने इटकी रोड को जामकर प्रदर्शन भी किया था. लेकिन इस मामले में शामिल आरोपियों को पुलिस अबतक गिरफ्तार नहीं कर पायी है.

8 जनवरी 2019

डोरंडा के कुसई घाघरा में छह हथियारबंद अपराधियों ने रात के करीब 10 बजे दो लोगों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. इसमें सामू उरांव की मौत हो गयी और उसका दोस्त शंकर सुरेश उरांव गंभीर रूप से घायल हो गया. इस मामले में भी अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं.

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6 मार्च 2019

अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर में दो सगे भाइयों हेमंत और महेंद्र अग्रवाल की हत्या को रांची पुलिस भूल ही गयी लगती है. हत्याकांड के 11 महीने से ज्यादा बीत जाने के बाद भी इसके मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी और एमके सिंह को पुलिस गिरफ्तार तो दूर, यह पता भी नहीं कर पाई कि दोनों कहां छिपकर रह रहे हैं. दोनों भाइयों की हत्या के बाद यह मामला इतना चर्चित हुआ था कि रांची पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए तीन-तीन एसआइटी का गठन उसी दिन कर दिया था.

9 अप्रैल 2019

राजधानी के कांके थाना क्षेत्र में एक 50 वर्षीय महिला की गला रेतकर हत्या कर दी गयी थी. इलाके के बंद पड़े बिजली बोर्ड के पुराने पावर हाउस के अंदर 50 वर्षीय महिला के मर्डर से सनसनी फ़ैल गयी थी. महिला की पहचान सुकुरहुट्टू की रहने वाली जीतन के रूप में की गयी थी. महिला का शव देखने से आशंका जतायी जा रही थी कि हत्या करने से पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया था.

14 अक्टूबर 2019

लालपुर थाना क्षेत्र के अमरावती कॉम्प्लेक्स में संचालित होने वाले गहना घर में दिन के करीब 2:00 बजे दो बाइक पर सवार होकर आये पांच की संख्या में अपराधियों ने दुकान में लूटपाट की कोशिश की थी. जिसका विरोध करने पर दो सगे भाइयों को गोली मारकर अपराधी मौके से फरार हो गये थे. इस मामले पुलिस को अबतक अपराधियों का कोई सुराग नहीं मिला है.

6 फरवरी 2020

मुकेश जालान हत्याकांड में पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं. गौरतलब है कि सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के किशोरगंज रोड में 6 फरवरी की देर रात महिंद्रा फाइनेंस में काम करने वाले मुकेश जालान की हत्या कर दी गयी थी. हत्या के 17 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पायी है. ना ही हत्या के पीछे की वजह ही साफ हो पायी है. बता दें कि दो बाइक पर सवार होकर आये छह अपराधियों ने मुकेश जालान को गोली मारी थी.

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