JharkhandLead NewsRanchi

झारखंड के 55 हजार सिपाही व हवलदार कल से आंदोलन पर, जानें-क्या है इनकी मांगें

Ranchi : झारखंड के 55 हजार सिपाही-हवलदार अपनी 19 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार से आंदोलन करेंगे. आंदोलन के प्रथम चरण में पुलिसकर्मी वर्दी पर काली पट्टी बांध कर काम करेंगे. पुलिस मेंस एसोसिएशन के महामंत्री ने इसे लेकर विज्ञप्ति जारी की है. अपनी मांगों को लेकर राज्य के विधायक और मंत्रियों को मांग पत्र सौंप चुके हैं. 19 सूत्री मांगों को लेकर सरकार से वार्ता एवं आदेश पारित कराने के लिए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गयी है.

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur: आशु क‍िस्‍कू मेमोर‍ियल एंड रब‍ि क‍िस्‍कू टीचर्स ट्रेन‍िंग इंस्‍टीच्‍यूट चांडि‍ल में श‍िक्षक बहाली के ल‍िए इंटरव्‍यू

आंदोलन के प्रथम चरण में 9 से 11 मार्च तक काला बिल्ला लगा कर ड्यूटी करेंगे. इस बीच भी सरकार/ प्राधिकार से बात करने के लिए एसोसिएशन के केंद्रीय पदाधिकारी प्रयासरत रहेंगे. यदि मांगें नहीं मानी जाती है तो 21 मार्च 2022 को सभी सिपाही, हवलदार चूल्हा चौका बंद कर सामूहिक उपवास पर रहते हुए ड्यूटी करेंगे. इसके बाद 31 मार्च को मेंस एसोसिएशन अपनी मांगों के समर्थन में पुलिस मुख्यालय और जिले के समादेष्टा एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ठीक सामने एक दिन के धरना पर बैठेंगे. इतने पर भी बात नहीं बनी तो 14 अप्रैल से राज्य के तमाम सिपाही, हवलदार पांच दिनों के सामूहिक अवकाश पर चले जायेंगे.

ये है मांग

– 20 दिनों की क्षतिपूर्ति अवकाश पूर्व की तरह बहाल करें.
– पुलिसकर्मियों को मिलनेवाली एक माह का अतिरिक्त वेतन में त्रूटि का निदान.
– एसीपी, एमएसीपी से संबंधित आदेश में त्रुटि का निराकरण.
-सातवें वेतन के अनुरूप वर्दी भत्ता, राशन, धुलाई, विशेष कर्तव्य, चालक, द्रुह राइफल, तकनीकी, शिक्षण, प्रशिक्षण एंव अन्य भत्ता लागू करें.
– जवानों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल सुविधा की व्यवस्था या प्रतिपूर्ति की जटिल प्रक्रिया को समाप्त करें.
-राज्य में तनाव के कारण आए दिन जवानों द्वारा किये जा रहे आत्महत्या को रोकने के लिए सार्थक पहल करें.
– उग्रवादी अभियान में लगे जवान की सुविधा एवं मनोबल बढ़ाना.
– नये वाहिनी एवं राज्य के कई जिलों में पुलिसकर्मियों का कार्यालय, पारिवारिक आवास भवन, एंव बैरक का निर्माण.

इसे भी पढ़ें : Actor पंकज त्रिपाठी ने पूरा किया वादा, किसानों के लिए एक अनोखे प्रोडक्ट में क‍िया निवेश, जरूर जानना चाहेंगे आप

– 2004 के बाद बहाल जवानों को पुरानी पेंशन योजना लागू करना.
– शिकायत कोषांग स्थानानांतरण समिति अनुकंपा समिति में पुलिस मेंस को सदस्य रखना.
– प्रत्येक माह सिपाही हवलदार के कल्याणकारी कार्य के लिए महानिदेशक एंव पुलिस महानिरक्षक की अध्यक्षता में एसोसिएशन की बैठक हो.
– प्रत्येक दिन माह में एसोसिएशन के द्वारा उठाए गये बिंदुओं पर प्राधिकार की बैठक हो और सामाधान की व्यवस्था हो.

इसे भी पढ़ें : कुष्ठ रोगी की जल्द पहचान कर इलाज शुरू करने से होगी दिव्यांगता से रक्षा: राज कुमार

– मुसहरी कमेटी के अनुरूप जवानों को आठ घंटे की ड्यूटी एंव साप्ताहिक रोस्टर छुट्टी प्रदान करना केंद्र -सरकार के अनुरूप राज्य पुलिस के जवानों को भी दो बच्चे, बच्चियां को पूर्ण शिक्षा का खर्च दिलाना.
– झारखंड के उन्नति में बलिदान देनेवाले राज्य पुलिस के जवानों के आश्रितों को भूखंड देने की नीति बनाना एंव उनके जीवोकोपार्जन के लिए गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप की पात्रता के लिए अनुशंसा करना.
– राज्य में कानून व्यवस्था स्थापित करने में अपनी जान गंवानेवाले सिपाही हवलदार को शहीद का दर्जा देते हुए राज्यकीय स्तर पर पुलिसकर्मियों के पार्थिव शरीर के अंत्येष्ठी के स्थान पर सलामी प्रदान करने की व्यवस्था.
– पुलिसकर्मियों को ससमय पदोन्नति दिलाना.

Related Articles

Back to top button