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सात माह बाद भी बेड़ो-पलमा से गुमला तक की सड़क पर नहीं शुरू हुआ काम 

200 करोड़ में मात्र 3.5 करोड़ ही भू अर्जन के बदले में दिया

Ranchi :  एनएच 23 पलमा से गुमला फोर लेन परियोजना में जमीन अधिग्रहण बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही है. इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन लेना परेशानी का सबब बनता जा रहा है. भूमि अधिग्रहण के चलते ही अभी तक इस परियोजना पर आगे बढ़ना संभव नहीं हो रहा है. इस परियोजना के लिए एकरारनामा 23 नवंबर 2020 में हुआ था. यानी एग्रीमेंट को सात महीने हो गये हैं . अब तक न तो जमीन मिली है. इस काम को लिए संवेदक बार-बार जमीन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं,लेकिन अभी तक जमीन पूरी उपलब्ध नहीं हुई है. वहीं अभी तक वन भूमि की 8 हेक्टेयर जमीन पर भी क्लियरेंस नहीं मिला है और न ही पेड़ों के काटने पर कुछ हुआ है. कुल मिला कर मामला लटका हुआ है.

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200 करोड़ दिया, मात्र 3.5 करोड़ वितरित

परियोजना से संबंधित जमीन लेने के  लिए 200 करोड़ रुपये एनएचएआई ने आवंटित कर दिये हैं. इसमें से  रांची जिला भूअर्जन कार्यालय को 75 करोड़ और गुमला भू अर्जन कार्यालय को 125 करोड़ रुपये दिये गये हैं.  इस राशि में से अब तक गुमला जिले में मात्र 3.5 करोड़ रुपये ही भू अर्जन के लिये वितरित किये हैं.  इससे जमीन अधिग्रहण और मुआवजे के भुगतान की स्थिति का आकलन किया जा सकता है.

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सिर्फ 25 मीटर चौड़ी ही जमीन है उपलब्ध

जानकारी के मुताबिक पलमा से गुमला तक कुल 63 किलोमीटर सड़क के फोरलेन का काम होना है.  इसमें से 51 किलोमीटर लंबी सड़क पर 25 मीटर चौड़ी जमीन उपलब्ध है.  जबकि फोर लेन सड़क के लिए करीब 60 मीटर चौड़ी जमीन की आवश्यकता है. ऐसे में और 35 मीटर चौड़ी जमीन की जरूरत है. इतनी जमीन लेने पर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई भी होगी.  वही भू अर्जन भी काफी अधिक करना होगा.  इसके अलावा पलमा के पास 12 किलोमीटर नया बाईपास बनाना है. इसके लिए पूरी तरह जमीन की जरूरत है. इस तरह इस प्रोजेक्ट में काफी जमीन लेनी होगी . वन विभाग की भी सात-आठ हेक्टेयर भूमि की जरूरत है.

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