
Ranchi: झारखंड हाइकोर्ट में दाखिल हैवियस कार्पस याचिका पर 31 अगस्त को सुनवाई होगी. हालांकि बुधवार को भी इस मामले को लेकर कोर्ट में थोड़ी देर तक सुनवाई हुई थी. बता दें कि इससे पहले मामले की जल्द सुनवाई के लिए चैता बेदिया ने सोमवार को अदालत से विशेष आग्रह किया था. इस पर जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने उनके आग्रह पर विचार करने का आश्वासन दिया है.
इसे भी पढ़ें :ऐड एजेंसियों का 4 करोड़ बकाया, 1 हफ्ते में नहीं भरी राशि तो होंगे ब्लैक लिस्टेड
क्या है मामला
19 अगस्त को हाईकोर्ट में दर्ज की थी याचिका
आपको बता दें कि चैता बेदिया ने 19 अगस्त को अपने परिवार के सदस्यों को पुलिस द्वारा उठा कर ले जाने और इसकी जानकारी नहीं देने का आरोप लगाते हुए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. चैता बेदिया ने याचिका (हेवियस कॉर्पस) दायर कर परिजनों को कोर्ट के समक्ष पेश करने का आग्रह किया है.
राज्य के डीजीपी, रांची के एसएसपी, ग्रामीण एसपी और अनगड़ा थाना प्रभारी को प्रतिवादी बनाया है.बेदिया ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि कुछ पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे और उनके पिता शिवाली बेदिया, बहन पुष्पमनी, पत्नी सुपोती देवी, और उसके दो बच्चों को जबरन अपने साथ ले गए.
उधर प्रार्थी ने ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज करा कहा कि पुलिस उनके परिजनों को जबरन उठा कर ले गयी है और प्राथमिकी दर्ज करने का दबाव बनाया जा रहा था.
इसे भी पढ़ें :अब नयी तकनीक से खेती बारी के जरिये अपनी तकदीर बदलेंगी जनजातीय समाज की महिलाएं
जिस समय पुलिस उनके घर पहुंची उस समय वह घर में नहीं था. 14 अगस्त को वह काम के सिलसिले में गिरिडीह गए थे. 15 अगस्त को उन्हें पुलिस के आने और परिजनों को ले जाने की सूचना मिली. उनके परिजन कहां है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. अदालत से उन्होंने परिजनों की तलाश कर कोर्ट के सामने पेश करने का आग्रह किया है.
याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने परिजनों को उठाने का कोई कारण नहीं बताया है और सभी लोग अभी कहां हैं इसकी जानकारी भी नहीं दी जा रही है.
याचिका में प्रार्थी ने कहा है कि उन्हें पता चला है कि बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार सुनील तिवारी के खिलाफ गलत मामला दर्ज करने के लिए परिजनों को उठाया गया है. उनके खिलाफ फर्जी मामला दर्ज किया गया है.
इसे भी पढ़ें :रांची के डीसी को तत्काल प्रभाव से हटाया जाये : भुनेश्वर मेहता
प्रार्थी का कहना है कि सुनील तिवारी के घर पर रह कर उनके भाई ने पढ़ाई की है और वह अभी चेन्नई में नौकरी कर रहा है. उसकी पढ़ाई का खर्च भी सुनील तिवारी ने ही वहन किया था.
उनका छोटा भाई और बहन भी सुनील तिवारी के घर मे अभी भी रह रहे हैं और उनकी पढ़ाई का खर्च भी वह वहन कर रहे हैं.
इसे भी पढ़ें :Vinesh Phogat को भारतीय कुश्ती महासंघ ने किया माफ, लेकिन आजीवन बैन की चेतावनी भी दी




