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#International_University ने छात्रों को चेतावनी दी, CAA पर चर्चा की तो बंद हो जायेगा विश्वविद्यालय

NewDelhi : दिल्ली स्थित अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी ने छात्रों को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने CAA पर चर्चा की तो विश्वविद्यालय बंद हो सकता है. यह बात दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय के छात्रों के एक समूह ने कही है. यहां सार्क देशों के लगभग 600 छात्र हैं. छात्रों के अनुसार संस्था के कार्यवाहक अध्यक्ष एवीएस रमेश चंद्रा ने उन्हें नये नागरिकता कानून (CAA) पर चर्चा करने से रोकने की कोशिश करते हुए कहा कि CAA पर चर्चा करना गलत होगा, क्योंकि भारत आपको रोटियां देता है.

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विश्वविद्यालय की शुरुआत सार्क समूह के आठ देशों के द्वारा 2010 में की गयी थी

जान लें कि भारत सरकार इस अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय का न सिर्फ पूरे पूंजीगत खर्च को वहन करती है बल्कि इसके ऑपरेशनल कॉस्ट का भी आधा खर्च भारत सरकार ही वहन करती है. इस विश्वविद्यालय की शुरुआत सार्क समूह के आठ देशों के द्वारा 2010 में की गयी थी.

टेलिग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार छात्रों ने बताया कि चंद्रा ने चेतावनी दी कि यदि CAA को लेकर चर्चा हुई तो विश्वविद्यालय को बंद कर दिया जायेगा. इसी क्रम में कैंपस के अधिकारियों ने छात्र आयोजनों से संबंधित नियमों और कड़ा कर दिये हैं.

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CAA, NRC, NPR पर कैंटिन में चर्चा करने की इजाजत मांगी थी

खबरों के अनुसार एसएयू रिसर्च एसोसिएशन ने लोकतंत्र के स्याह पक्ष: CAA, NRC, NPR का विश्लेषण…विषय पर शुक्रवार को कैंटिन में चर्चा करने की इजाजत मांगी थी, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा इजाजत नहीं दी गयी. इस संबंद में जब एसोसिएशन के छात्र रमेश चंद्रा से मिले तो उन्होंने रोटी वाली बात कही. छात्रों ने बताया कि चंद्रा ने उन्हें कहा कि भारत सरकार विश्वविद्यालय को आसानी से धन मुहैया करवाती रही है.

हालांकि छात्रों ने बाद में विश्वविद्यालय से बाहर खुली जगह में कार्यक्रम का आयोजन किया. शुक्रवार की रात तक विश्वविद्यालय द्वारा इस मामले में आयोजनकर्ताओं के खिलाफ किसी तरह का कदम नहीं उठाया है. विश्वविद्यालय का कैंपस दिल्ली के चाणक्यपुरी में अपने अकबर भवन में है. यहां छात्र मास्टर डिग्री की पढ़ाई और रिसर्च करते हैं. इस संस्थान का आधा ऑपरेशनल कॉस्ट अन्य सात देश मिलकर वहन करते हैं.

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