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New Delhi, 02 October: स्वच्छता अभियान के तीन साल पूरे होने के अवसर पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सुराज का सपना जनभागिदारी के बगैर संभव नहीं. उन्होंने कहा कि एक हजार गांधीजी आ जाएं, एक लाख मोदी आ जाएं, सभी मुख्यमंत्री और सरकरें लग जाएं लेकिन स्वच्छता का सपना तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक सवा सौ करोड़ देशवासी इसे जनभागीदारी के साथ आगे नहीं बढ़ाएंगे.
लोगों ने कहा, 2 अक्टूबर की छुट्टी खराब कर दी
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान के तीन साल में हम आगे बढ़े हैं. इस कार्यक्रम को तीन वर्ष पहले जब मैंने शुरू किया था, तब मीडिया, राजनीतिक दलों समेत कई वर्गो से मुझे आलोचना का सामना करना पड़ा था. बेशक, इसके लिए लोगों ने मेरी आलोचना की कि हमारी 2 अक्टूबर की छुट्टी खराब कर दी. बच्चों की छुट्टी खराब की. मेरा स्वभाव है कि बहुत सी चीजें झेलता रहता हूं. मेरा दायित्व भी ऐसा है, झेलना भी चाहिए. और झेलने की कैपेसिटी भी बढ़ा रहा हूं. हम तीन साल तक लगातार लगे रहे.
लोगों और मीडिया का व्यापक समर्थन मिला
उन्होंने कहा कि हम आगे बढ़े हैं, लोगों का व्यापक समर्थन मिला है, मीडिया का व्यापक समर्थन मिला है. इतना व्यापक समर्थन हो और फिर भी चीजों को गति नहीं दे पाएं, तब तो जवाब देना पड़ेगा. इस काम में चुनौतियां हैं लेकिन इससे भागा नहीं जा सकता. मोदी ने कहा कि कोई इंसान ऐसा नहीं है, जिसे गंदगी पसंद हो. मूलत: हमारी प्रवृत्ति स्वच्छता पसंद करने की है. हमारे देश में एक गैप रह गया कि स्वच्छता काम की शुरूआत कौन करें?




