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नहीं कम होगी आपकी EMI, आरबीआई ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव

Mumbai: त्‍योहारों के सीजन से पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) बैठक के नतीजों का ऐलान हो गया है. आरबीआइ गवर्नर शक्‍तिकांत दास ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के जरिए बैठक के नतीजों के बारे में जानकारी दी. गवर्नर ने बताया कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. मतलब ये कि रेपो रेट चार फीसदी पर बरकरार है.

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भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर रेपो को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा है. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा के बारे में जानकारी देते हुए यह बात कही. उन्होंने यह भी कहा कि आरबीआइ आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिये उदार रुख को बनाये रखेगा.

नरम रुख से कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यववस्था को गति देने के लिये जरूरत पड़ने पर नीतिगत दरों में कटौती की जा सकती है. उन्होंने कहा, ‘नीतिगत दर रेपो को 4 प्रतिश्त पर बरकरार रखा जा रहा है.’ रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत पर बनी रहेगी.

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दास ने कहा कि मैद्रिक नीति समिति ने नीतिगत दर को यथावत रखने और आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिये उदार रुख बनाये रखने के पक्ष में मतदान किया. उन्होंने कहा कि पहली छमाही में जो पुनरूद्धार देखने को मिला है, वह दूसरी छमाही में और मजबूत होगा. तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है.

जीडीपी गिरावट पर लगेगा विराम- दास

दास ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद में गिरावट पर विराम लगेगा और वृद्धि दर चौथी तिमाही में यह सकारात्मक दायरे में पहुंच जायेगी. गवर्नर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वास्तविक जीडीपी दर में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. साथ ही कहा कि रिजर्व बैंक तंत्र में संतोषजनक तरलता की स्थिति बनाये रखेगा. अगले सप्ताह खुले बाजार परिचालन के तहत 20,000 करोड़ रुपये जारी किये जायेंगे. मुद्रास्फीति में आये मौजूदा उभार को अस्थाई बताते हुए कहा कि कृषि परिदृश्य उज्ज्वल दिख रहा. वहीं कच्चा तेल की कीमतें दायरे में रहने की उम्मीद जतायी है.

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