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विश्व अस्थमा दिवस : 1200 लोगों पर सर्वे, सांस लेने की समस्या से जूझ रहे लोग

Ranchi: विश्व अस्थमा दिवस की पूर्व संध्या पर एशियन मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन और साउथ एशियन मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन सपोर्टेड स्विचऑन फाउंडेशन ने वायु प्रदूषण से अस्थमा को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया. जिसमें हेल्थ और पर्यावरण से जुड़े एक्सपर्ट्स ने अपने आइडिया शेयर किए. स्विचऑन ने बाहरी श्रमिकों पर वायु प्रदूषण के प्रभाव को लेकर किए गए सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की. रांची और गिरिडीह में 1200 लोगों के कराए गए सर्वे में पाया गया कि व्यवसाय और गरीबी के कारण वायु प्रदूषण ने कैसे लोगों को सांस से जुड़ी समस्याओं से जूझने को मजबोर कर दिया. इतना ही नहीं लोगों के जनजीवन को भी प्रभावित किया है.

एक्सपर्ट्स ने बताया कि सांस से जुड़ी समस्याओं के अलावा न्यूरो बिहेवियरल सिंपटम्स और ड्राई आई सिंड्रोम भी लोगों को परेशान कर रही है. एक्सपर्ट्स ने कहा कि कुछ लक्षण सामान्य बीमारियों की तरह भी हो सकते हैं. इस पर ध्यान देने की जरूरत है.

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किसने क्या कहा

आर्किड के डॉ निशीथ कुमार ने कहा कि प्रप्रदूषण और हेल्थ के बीच गहरा संबंध है. उन्होंने कहा कि कंस्ट्रक्शन, फेक्ट्री वर्कर्स, ड्राइवर,माइनिंग करने वाले मजदूर और बुजुर्गों को लवंग फंक्शन टेस्ट कराने की जरूरत है. जिससे कि इलाज किया जा सके.

स्विचऑन फाउंडेशन के एमडी विनय जाजू ने कहा कि कमजोर समुदाय, बच्चे, बुजुर्ग वायु प्रदूषण के लिहाज से काफी संवेदनशील हैं. प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों को बढ़ावा देने और हमारी वर्तमान और भविष्य की पीढ़ी के लिए स्वच्छ वायु गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कई एजेंसियों को एक साथ काम करना होगा.

रिम्स के पीएसएम के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ देवेश कुमार ने इस सर्वे रिपोर्ट के बाद कार्यक्रम से पहले बताया कि वायु प्रदूषण के संपर्क में आने वाली आबादी के सर्वेक्षण डेटा खतरनाक लक्षण की ओर इशारा करते है. एलर्जी के अलावा खांसी और सीने में तकलीफ हो सकती है. ये अस्थमा के भी लक्षण हो सकते है.

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सर्वे की मुख्य बातें

  • बच्चे और बूढ़ों को प्रदूषण से ज्यादा है खतरा
  • 46% बच्चों में खांसी के लक्षण, 43% को गले में खराश
  • 57% बुजुर्गों को सांस से जुड़ी बीमारियां, सीने में बेचैनी और 48% को नाक से जुड़ी समस्य़ा
  • गिरिडीह के 61% लोगों को है छींकने की समस्या
  • रांची से सर्वे में शामिल 36% लोगों को लगातार आती है छींक
  • गिरिडीह में 70 परसेंट और रांची के 20 परसेंट बुजुर्गों के आराम करते समय फूलती है सांस
  • गिरिडीह के 61 वर्ष से अधिक आयु के 78% लोगों के सीने में तकलीफ, 32% रांची में
  • स्ट्रीट क्लीनिंग में जुड़े 37 परसेंट और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स में 22 परसेंट की चलते समय फूलती है सांस
  • स्ट्रीट क्लीनिंग में जुड़े 53 परसेंट और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स में 48 परसेंट ने नाक बंद होने की शिकायत की

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