
Koderma: जिले की कई महिलाओं ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है. राजनीति के क्षेत्र में भी सांसद अन्नपूर्णा देवी, विधायक नीरा यादव और जिला परिषद प्रधान शालिनी गुप्ता के अलावा कई महिलाओं ने अपनी छाप छोड़ी है. वर्तमान सांसद अन्नपूर्णा देवी 1998 से 2014 तक लगातार कोडरमा की विधायक रहीं. वहीं 2019 में भाजपा से कोडरमा की पहली महिला सांसद भी बनी.
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जिला परिषद का चुनाव जीतने के बाद नीरा यादव ने 2014 और 2019 में लगातार दो बार कोडरमा से विधायक के रूप में जीत हासिल कर चूंकी हैं. राजनीति में सक्रिय जिला परिषद की प्रधान शालिनी गुप्ता का भी नाम काफी चर्चित है जिन्होंने डोमचांच प्रमुख बनने के बाद जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ा और 2015 में जिला परिषद की अध्यक्ष बनी. बाद में वे जिला परिषद अध्यक्ष संघ की प्रदेश अध्यक्ष बनीं तो अभी आजसू पार्टी की प्रदेश संगठन सचिव भी हैं. जिला परिषद की उपाध्यक्ष चुनी गई निर्मला देवी भी राजनीति में सक्रिय हैं. अपने पति की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं. वही समाज सेवा, राजनीति, शिक्षा और व्यवसाय समेत अन्य क्षेत्रों में कांति देवी, लीलावती मेहता, कुलबीर सलूजा, अधिवक्ता किरण कुमारी, संगीता रानी, बिंदु कुमारी, संगीता शर्मा, आरती मिश्रा, गौरी सहाना, रूपा सामंता, रंजीता कुलकर्णी, केसरा खातून, शोभा देवी, अनिता कुमारी, अनुराधा सीता, जूही दास गुप्ता, मीता सिन्हा, पिंकी जैन, रिया राज समेत कई ऐसे नाम है जिनकी समाज में अपनी अलग पहचान है. झुमरीतिलैया की किरण कुमारी जिले की सीनियर अधिवक्ता हैं. ये लंबे समय तक लोक अभियोजक भी रहीं और बाद में राज्य महिला आयोग की सदस्य के रूप में उन्होंने भी अपनी पहचान बनाई. इधर योग गुरु के रूप में एक पहचाना है सुषमा सुमन की. जिले में बाबा रामदेव के योग अभियान की बात जब उठती है तो इनकी चर्चा जरूर होती है. योग के जरिए सुषमा ने बीमारी से निजात तो पाया ही अब समाज को जागरूक करने का बीड़ा भी उठाया है. आज वे योग सिखाने के साथ ही गांव-गांव जाकर महिलाओं की आवाज बुलंद कर रही हैं.
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शालिनी गुप्ता को प्रधानमंत्री ने भी दिया सम्मान
साधारण परिवार से आने वाली शालिनी गुप्ता ने अपनी मेहनत से कोडरमा जिले ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में अलग पहचान बनाई है. पंचायती राज को मजबूत करने के लिए 2010 में उन्होंने खरखार से पंचायत समिति सदस्य के रूप में चुनाव लड़ा और जीतने के बाद डोमचांच प्रखंड की निर्विरोध प्रमुख चुनी गई. वर्ष 2012 में तत्कालीन राज्यपाल ने उन्हें झारखंड पंचायत महिला सम्मान से सम्मानित किया. 2016 में यह कोडरमा जिला परिषद की अध्यक्ष चुनी गई. उनकी कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को देखते हुए वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री के द्वारा दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण सम्मान दिया गया. कोरोना काल में पिछले एक वर्ष के दौरान इनकी कार्य कुशलता और जीवटता से पूरे जिले वासी प्रभावित हैं. और यही वजह है कि कई लोग जब अपनी समस्याओं को लेकर अन्य जनप्रतिनिधियों से निराश होते हैं.




