
Ranchi: झारखंड भवन निर्माण निगम लिमिटेड के कारनामे एक से बढ़ कर एक हैं. निगम की तरफ से 25 करोड़ की लागत से बननेवाले झारखंड राज्य तकनीकी परीक्षा पर्षद के नये भवन को लेकर बगैर जमीन के ही टेंडर निकाल दिया गया. इसके लिए राजधानी रांची की कांट्रैक्टर कंपनी आई-10 का चयन कर उसे कार्यादेश भी दे दिया गया. जनवरी 2018 में परीक्षा पर्षद के नये भवन की निविदा निकाली गयी थी. छह महीने बाद अब उच्चतर, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग से परीक्षा पर्षद भवन के लिए जमीन आवंटित करने की मांग की गयी है. यह मांग निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौखिक रूप से कर रहे हैं.
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यहां यह बताते चलें कि झारखंड सरकार ने नामकुम में साइंस सिटी, तकनीकी विश्वविद्यालय और परीक्षा पर्षद की नयी आधारभूत संरचना विकसित करने का निर्णय लिया था. साइंस सिटी का काम तो आगे नहीं बढ़ पाया, लेकिन झारखंड राज्य तकनीकी विश्वविद्यालय का नया परिसर 80 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है. इंजीनियरिंग प्रोक्यूरमेंट इंडिया लिमिटेड की तरफ से यह भवन बनाया जा रहा है. इसी कैंपस में परीक्षा पर्षद का नया भवन बनना था. फिलहाल सिरखाटोली नामकुम में झारखंड राज्य संयुक्त परीक्षा पर्षद और राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड (एसबीटीइ) का भवन संचालित किया जा रहा है. एसबीटीइ का भवन और प्रशासनिक कार्यालय काफी जर्जर हो गया है, उसको ही रिप्लेस करने के लिए नया परीक्षा पर्षद भवन बनाया जा रहा है.
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क्या कहता है भवन निर्माण निगम
भवन निर्माण निगम लिमिटेड के अधिकारी जमीन नहीं मिलने से काफी सशंकित हैं. उन्हें यह पता ही नहीं चल पा रहा है कि आखिर कैसे योजना को पूरा किया जाये. निगम के मुख्य अभियंता हलधर मंडल ने पूछे जाने पर बताया कि जमीन ही नहीं मिली है. अब दिये गये कार्यादेश को स्थगित करना पड़ेगा. यह पूछे जाने पर कि बगैर डीपीआर की स्वीकृति, भवन प्लान और बिल ऑफ क्वांटिटी (बीओक्यू) के कैसे निविदा को अंतिम रूप दे दिया गया, उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया. उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले के तहत निविदा की प्रक्रिया पूरी की गयी.




