
Ranchi: झारखंड में कोरोना के Omicron वेरिएंट का खतरा शुरू हो चुका है. 5200 से अधिक एक्टिव केस अभी यहां हो चुके हैं. नए वेरिएंट को देखते राज्य सरकार अब चेती है. कुछ दिनों पहले उसने रिम्स के माध्यम से जीनोम मशीन खरीदने की योजना बनायी. मशीन के जरिए नए वेरिएंट की जांच में आसानी होती है. फिलहाल राज्य सरकार सैंपलों को भुवनेश्वर (ओड़िसा) भेजकर रिपोर्ट मंगाती है जिसमें कई बार डिले हो जाता है. पूर्व में रिम्स के माध्यम से मशीन की खरीद में लगी सरकार ने अब केंद्र से मदद मांगी है कि वह सिक्वेंसिंग किट और अन्य इक्विपमेंट्स रिम्स, रांची को उपलब्ध कराए. उसे चिंता सताने लगी है कि रिपोर्ट मिलने में देरी से आने वाले समय में चैलेंड और बढ़ने वाला है. प्रदेश भाजपा ने इसे लेकर सरकार को घेरा है.

निकम्मेपन की हदः कुणाल
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी के मुताबिक यह निकम्मेपन की हद है. पूर्व में सरकार ने रिम्स के माध्यम से जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन के खरीद की योजना बनायी. सरकार के मुताबिक इससे लाखों रुपये बचेंगे. ऐसा करने से जीएसटी के रूप में लगने वाले शुल्क से राहत मिलेगी. कुणाल कहते हैं कि लाखों बचाने के ये दावे मर्सिडीज खरीदवाने के समय सरकार को याद नहीं आये. रिम्स की टेंडर प्रक्रिया हमेशा विवादों मे रही है. पहले पता नहीं था कि सिक्वेंसिंग मशीन की खरीद में डेढ़ महीने लगेंगे? Omicron इंतजार नहीं करेगा. महज 3 दिनों में ही सरकार ने यू टर्न ले लिया. अगर केंद्र से ही मदद लेनी थी तो पहले ही गुहार लगा लेते.




