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पश्चिम बंगाल :  डील पक्की, कांग्रेस 17 व सीपीएम 25 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी

NewDelhi :  पश्चिम बंगाल के लिए कांग्रेस और लेफ्ट के लिए सीटों का बंटवारे पर मुहर लग गयी है. रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस 17 लोकसभा सीटों व सीपीएम 25 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. खबर है कि कांग्रेस रायगंज और मुर्शिदाबाद में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी. इस बारे में आधिकारिक घोषणा जल्द की जायेगी. बता दें कि लोकसभा चुनाव के हिसाब से पश्चिम बंगाल भारत का अहम राज़्य है. यहां पर लोकसभा की 42 सीटें हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने यहां 34 सीटें जीती थीं. जबकि दो सीटें भाजपा,  चार कांग्रेस और दो सीपीएम ने जीती थीं. कांग्रेस और लेफ्ट के बीच गठबंधन के संबंध में मार्च के शुरुआती दिनों में पश्चिम बंगाल कांग्रेस के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी. राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष सोमेन मित्रा समेत दूसरे नेताओं ने राहुल को सलाह दी कि कांग्रेस को ममता के बजाय सीपीएम से गठबंधन करना चाहिए. कांग्रेस नेताओं ने राहुल को बताया कि सीएम ममता बनर्जी राज्य में चुनावी लड़ाई भाजपा बनाम टीएमसी रखना चाहती हैं. इस क्रम में  कांग्रेस नेताओं ने कहा कि टीएमसी पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के नेताओं को भी तोड़ती है.

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राहुल गांधी  सीपीएम नेता सीताराम येचुरी से मिले

सूत्रों के अनुसार पार्टी के नेताओं की के बाद राहुल गांधी सीनियर सीपीएम नेता सीताराम येचुरी से मिले. यहां दोनों नेताओं के बीच सीटों के बंटवारे पर डील फाइनल हुई. बता दें कि कांग्रेस पर दबाव बढ़ाने के लिए आठ मार्च को सीपीएम ने रायगंज और मुर्शिदाबाद से अपने कैंडिडेट की घोषणा भी कर दी थी. इन दोनों सीटों पर इस बार भी मौजूदा सांसद मोहम्मद सलीम और बदरूद्दोजा खानरायगंज और मुर्शिदाबाद से चुनाव लड़ेंगे. कांग्रेस और लेफ्ट ने बातचीत के दौरान तय किया कि कांग्रेस रायगंज और मुर्शिदाबाद में अपने कैंडिडेट नहीं उतारेगी. दरअसल इन दोनों सीटों को लेकर ही पेच फंसा था. अभी इन दोनों ही सीटों पर सीपीएम का कब्जा है. रायगंज से मोहम्मद सलीम और मुर्शिदाबाद से बदरुद्दोजा खान सांसद हैं. हालांकि कांग्रेस नेता कहते हैं कि ये दोनों सीटें कांग्रेस की परंपरागत गढ़ हैं. कांग्रेस के अनुसार 2014 में चौतरफा मुकाबले की वजह से रायगंज सीट से मोहम्मद सलीम चुनाव जीते थे. इससे पहले इस सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रियरंजन दास मुंशी चुनाव जीता करते थे. वे यहां से 1999 और 2004 में सांसद रहे, उनके निधन के बाद 2009 में उनकी पत्नी दीपादास मुंशी यहां से सांसद बनीं. 2014 के लोकसभा चुनाव में सीपीएम के मोहम्मद सलीम इस सीट से जीते.

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सूत्रों के अनुसार  लेफ्ट के साथ बातचीत के दौरान कांग्रेस ने दीपादास मुंशी के लिए सम्मानजनक समझौता रखा है. रिपोर्ट के अनुसार बातचीत के दौरान तय हुआ है कि दीपादास मुंशी को लेफ्ट के समर्थन से राज्यसभा भेजा जायेगा. दूसरी सीट मुर्शिदाबाद पर 2014 में सीपीएम के बदरुद्दोजा खान चुनाव जीते थे. लेकिन 2009 और 2004 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के मन्नान हुसैन ने विजय हासिल की थी. इसी आधार पर कांग्रेस इस सीट पर अपना दावा कर रही थी. हालांकि बातचीत में तय हुआ कि दोनों सीटें सीपीएम अपने पास ही रखेगी.

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