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जिस तरह अजय कुमार ने इस्तीफा दिया, उसके तार कहीं BJP की जमशेदपुर पश्चिमी सीट से तो नहीं जुड़े !

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Akshay Kumar Jha

Ranchi: ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि किसी प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी पार्टी से इस्तीफा दे दिया हो. हां यह सही है कि जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल अपने इस्तीफे में डॉ. अजय कुमार ने किया है, वो जरूर हैरान करने वाली है.

अजय कुमार का यह इस्तीफा, इस्तीफा कम और अपने गुस्से की भड़ास का इश्तेहार ज्यादा लग रहा है. सवाल उठ रहा है कि क्या अजय कुमार, ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर और पार्टी के लगभग सभी सीनियर लीडर पर संगीन आरोप लगा कर पार्टी में ही बने रह सकते हैं.

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राजनीति के जानकारों की मानें तो ऐसा कतई नहीं होगा. अगर अजय कुमार की सारी राजनीति गोटी सही खाने बैठ गयी तो निश्चित तौर पर वो पार्टी को अलविदा कहेंगे. लेकिन सवाल है कि कांग्रेस को छोड़ेंगे तो होंगे किसके?

सरयू राय बनाम रघुवर दास की लड़ाई का फायदा आखिर किसको?

अमूमन देखा जाता है और कहावत भी है कि दो बिल्लियों की लड़ाई में किसी तीसरे को फायदा हो जाता है. जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा की सीट पर शायद यही होने वाला है. सीएम रधुवर दास और सरयू के बीच मधुर संबंध में कितना कड़वापन है, यह बात किसी से नहीं छिपी.

बीते सरकार के कार्यकाल में ऐसा कोई मौका नहीं था, जब मंत्री रहते हुए सरयू राय ने झारखंड सरकार के काम करने के तरीके पर सवाल ना उठाया हो. वहीं पार्टी को मौन और गौण रूप से झारखंड में कौन हैंडल कर रहा था, यह भी जगजाहिर है.

ऐसे में यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं होगी कि बीजेपी से पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगा कर टिकट देने वक्त मंत्री सरयू राय को किनारा कर दिया जाये.

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और एक ऐसे किसी चेहरे की खोज हो, जिसे चुनाव जीतने में ज्यादा मशक्कत ना करनी पड़े. ऐसे हालात में जमशेदपुर से सांसद और एसपी दोनों का तजुर्बा रखने वाले अजय कुमार मौके पर चौका मारने से आखिर क्यों चूकेंगे.

क्योंकि चुनावी दौर के इस मोदी काल में जमशेदपुर पश्चिमी सीट बीजेपी के लिए एक आसान जीत हो सकती है, सिर्फ उम्मीदवार थोड़ा-सा तगड़ा होना चाहिए. वहीं ऐसा करने से पार्टी और सरकार की कमान संभाल रहे रघुवर दास के हाथों से सांप भी मारा जाएगा और लाठी भी नहीं टूटेगी.

बन्ना गुप्ता की राह हो जाएगी आसान

इधर कांग्रेस में पूरी तरह से बन्ना गुप्ता का विरोध झेल रहे अजय कुमार को श्री गुप्ता से कहने को तो छुटकारा मिल जाएगा. लेकिन अब आमने-सामने बन्ना गुप्ता और अजय कुमार ही रह सकते हैं.

अगर अजय कुमार बीजेपी का दामन थामते हैं, तो जाहिर तौर पर जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा की सीट कांग्रेस की तरफ से लॉटरी की तरह बन्ना गुप्ता की झोली में जाकर गिरेगी. जिसके बाद चुनावी महासंग्राम में आमने-सामने दो ऐसे लोग होंगे जो साथ रह कर भी विरोधी थे.

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