न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जिस तरह अजय कुमार ने इस्तीफा दिया, उसके तार कहीं BJP की जमशेदपुर पश्चिमी सीट से तो नहीं जुड़े !

4,231

Akshay Kumar Jha

Ranchi: ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि किसी प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी पार्टी से इस्तीफा दे दिया हो. हां यह सही है कि जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल अपने इस्तीफे में डॉ. अजय कुमार ने किया है, वो जरूर हैरान करने वाली है.

अजय कुमार का यह इस्तीफा, इस्तीफा कम और अपने गुस्से की भड़ास का इश्तेहार ज्यादा लग रहा है. सवाल उठ रहा है कि क्या अजय कुमार, ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर और पार्टी के लगभग सभी सीनियर लीडर पर संगीन आरोप लगा कर पार्टी में ही बने रह सकते हैं.

इसे भी पढ़ेंःBSL से व्यापार करने वाली 200 कंपनियां बंद होने के कगार पर, स्टील मिनिस्टर से हस्तक्षेप करने की मांग

राजनीति के जानकारों की मानें तो ऐसा कतई नहीं होगा. अगर अजय कुमार की सारी राजनीति गोटी सही खाने बैठ गयी तो निश्चित तौर पर वो पार्टी को अलविदा कहेंगे. लेकिन सवाल है कि कांग्रेस को छोड़ेंगे तो होंगे किसके?

Whmart 3/3 – 2/4

सरयू राय बनाम रघुवर दास की लड़ाई का फायदा आखिर किसको?

अमूमन देखा जाता है और कहावत भी है कि दो बिल्लियों की लड़ाई में किसी तीसरे को फायदा हो जाता है. जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा की सीट पर शायद यही होने वाला है. सीएम रधुवर दास और सरयू के बीच मधुर संबंध में कितना कड़वापन है, यह बात किसी से नहीं छिपी.

बीते सरकार के कार्यकाल में ऐसा कोई मौका नहीं था, जब मंत्री रहते हुए सरयू राय ने झारखंड सरकार के काम करने के तरीके पर सवाल ना उठाया हो. वहीं पार्टी को मौन और गौण रूप से झारखंड में कौन हैंडल कर रहा था, यह भी जगजाहिर है.

ऐसे में यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं होगी कि बीजेपी से पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगा कर टिकट देने वक्त मंत्री सरयू राय को किनारा कर दिया जाये.

इसे भी पढ़ेंः जम्मू में पटरी पर लौटी जिंदगी, हटायी गयी धारा 144, श्रीनगर में बकरीद पर मिल सकती है कर्फ्यू में ढील

और एक ऐसे किसी चेहरे की खोज हो, जिसे चुनाव जीतने में ज्यादा मशक्कत ना करनी पड़े. ऐसे हालात में जमशेदपुर से सांसद और एसपी दोनों का तजुर्बा रखने वाले अजय कुमार मौके पर चौका मारने से आखिर क्यों चूकेंगे.

क्योंकि चुनावी दौर के इस मोदी काल में जमशेदपुर पश्चिमी सीट बीजेपी के लिए एक आसान जीत हो सकती है, सिर्फ उम्मीदवार थोड़ा-सा तगड़ा होना चाहिए. वहीं ऐसा करने से पार्टी और सरकार की कमान संभाल रहे रघुवर दास के हाथों से सांप भी मारा जाएगा और लाठी भी नहीं टूटेगी.

बन्ना गुप्ता की राह हो जाएगी आसान

इधर कांग्रेस में पूरी तरह से बन्ना गुप्ता का विरोध झेल रहे अजय कुमार को श्री गुप्ता से कहने को तो छुटकारा मिल जाएगा. लेकिन अब आमने-सामने बन्ना गुप्ता और अजय कुमार ही रह सकते हैं.

अगर अजय कुमार बीजेपी का दामन थामते हैं, तो जाहिर तौर पर जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा की सीट कांग्रेस की तरफ से लॉटरी की तरह बन्ना गुप्ता की झोली में जाकर गिरेगी. जिसके बाद चुनावी महासंग्राम में आमने-सामने दो ऐसे लोग होंगे जो साथ रह कर भी विरोधी थे.

इसे भी पढ़ेंःशिव प्रसाद हत्याकांड में SIT गठन के चार माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली

न्यूज विंग की अपील


देश में कोरोना वायरस का संकट गहराता जा रहा है. ऐसे में जरूरी है कि तमाम नागरिक संयम से काम लें. इस महामारी को हराने के लिए जरूरी है कि सभी नागरिक उन निर्देशों का अवश्य पालन करें जो सरकार और प्रशासन के द्वारा दिये जा रहे हैं. इसमें सबसे अहम खुद को सुरक्षित रखना है. न्यूज विंग की आपसे अपील है कि आप घर पर रहें. इससे आप तो सुरक्षित रहेंगे ही दूसरे भी सुरक्षित रहेंगे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like