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Garhwa : ग्रामीणों ने चौपाल निर्माण का किया विरोध, कहा- फर्जी तरीके से कराया गया उनसे हस्ताक्षर

Garhwa : गढवा सदर प्रखंड के हंसकेर गांव में चौपाल निर्माण के शिलान्यास का विरोध करनेवाले ग्रामीण सोमवार को भी अपनी मांग पर अड़े रहे. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फर्जी तरीके से उनसे हस्ताक्षर करा लिया गया.

जबकि वे चौपाल निर्माण के कभी पक्षधर नहीं थे. बताते चलें कि गत 2 अप्रैल को चौपाल निर्माण का शिलान्यास करने गये राज्य के पीएचइडी मंत्री सह क्षेत्रीय विधायक मिथिलेश ठाकुर को हंसकेर गांव में ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा था.

सुभान अंसारी, नागेश्वर विश्वकर्मा, पिंटू शर्मा, मदन बैठा, शिवटहल पासी, सुरेश पासी, दादा ठाकुर, सुरेन्द्र बैठा, अनिल बैठा, प्रसाद गोस्वामी, सीता राम, झुबल बैठा, हमीम अंसारी, कमलेश्वर महतो, महादेव बैठा, सजीक अंसारी ने कहा कि 2004 में जब आइटीआइ कॉलेज हंसकेर में बन रहा था, तब उसका विरोध कर रहे थे. तब गांव के मुखराम भारती ने बताया था कि ये जमीन बिहार सरकार की है, आपकी नहीं है.

उन्हें पंचायत में बुलाया गया और बोला गया कि इस काम को रोकना है तो इस कोरा कागज पर हस्ताक्षर कीजिये. जैस-तैसे कागज पर हमलोग हस्ताक्षर किये और मुखराम भारती ने गलत तरीके से हस्ताक्षर कराया. ठेपा दिलवा कर 16 एकड़ 54 डिसमिल जमीन राज्यपाल के नाम पर दान करा दी गयी.

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रजिस्ट्री ऑफिस गये तो पता चला कि सारी जमीन उनकी है और रैयती जमीन है, जिसमें 88 खाता है. अभी शेष 39 एकड़ 15 डिसमिल जमीन है. जबकि एक ही हिस्से में पड़नेवाली जमीन 55 डिसमिल है. उक्त जमीन पर संबंधित ग्रामीण 100 वर्षों से खेती करते आ रहे हैं.

पिछले वर्ष से पहले उक्त जमीन पर तिल की खेती की गयी थी. तब अंचल अधिकारी बैजनाथ कामती भी आये थे और जांच भी की थी. लेकिन उन्हें जमीन का पेपर नहीं दिखाया तो उन्होंने कुछ नहीं कहां और चले गये. बोले कि ये जमीन रैयती है. जोत कोढ़ कर सकते हैं.

ग्रामीणों का आरोप है कि मुखराम भारती गांव की उनकी जमीन पर गलत मंशा रखते हैं. सारा जमीन फर्जी तरीके से काम करवा कर हड़पना चाहते हैं. उनका कहना है कि मैं इस जमीन को विकास के लिए रखूंगा. विकास के कार्य में उपयोग में लाया जायेगा.

उन्हें इस जमीन का मालिक बना दिया जाये. मुखराम ने फर्जी तरीके से 16 एकड़ 54 डिसमिल जमीन बेच दी है. वे भूमि हीन हैं. उनके पास घर बनाने के लिए भी जमीन नहीं है तो कैसे सरकार के नाम कर दें. कैसे मुखराम भारती को जमीन का मालिक बना दें. ऐसा नही करेंगे और न ही चौपाल का निर्माण होने देंगे. पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन अब पूर्व की पुनरावृति नहीं होने देंगे.

इधर, गढ़वा के अंचल अधिकारी मयंक भूषण ने बताया कि जमीन की जांच करने पर पता चला है कि हंसकेर गांव की जमीन रैयती है, जिसमें 87 प्लाट का है. विकास कार्य में ग्रामीण बाधा नहीं डालें. बैठक कर निर्णय ले लिया जायेगा.

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