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सरकार की कार्यवाही से नाराज हैं विहिप, बजरंग दल के कार्यकर्ता

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Ranchi : भाजपा सरकार की कार्यवाही से विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता खासे नाराज हैं. राज्य भर में पशु तस्करी से जुड़े मामलों में हुई कार्यवाही से संगठन की तरफ से नये सिरे से आंदोलन की तैयारी की जा रही है. सूत्रों के अनुसार गिरिडीह, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़ समेत राज्य के तमाम जिलों से 11 सौ से अधिक विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ फौजदारी मुकदमे चल रहे हैं. सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद पशु तस्करी मामले की सुनवाई भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में होने से इन संगठनों के कार्यकर्ताओं को कोई सहुलियत नहीं मिल रही है.

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सभी मुकदमे वापस लिये जायें

विहिप का कहना है कि मुख्यमंत्री की तरफ से गोरक्षकों को प्राथमिकता नहीं दी गयी, तो कई आंदोलन भी किये जायेंगे. विहिप की तरफ से झारखंड के सभी जिलों में जिला पशु क्रुरता निवारण समिति में गोरक्षकों को शामिल कर पशु क्रुरता निवारण कानून को सख्ती से लागू करने की मांग की गयी है. संगठन की तरफ से गोरक्षकों पर किये गये सभी मुकदमों को तत्काल वापस लिये जाने की मांग की गयी है. इतना ही नहीं गो सेवा आयोग का गठन कर गो तस्करी के साप्ताहिक हाटों को बंद कराने की मांग की गयी है. सभी गांवों में गोचर भूमि को मुक्त कराने की मांग की गयी है.

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झूठे मुकदमे कर प्रताड़ित कर रही है सरकार : क्षेत्रीय प्रमुख

विश्व हिंदू परिषद के समन्वय मंच के प्रांत प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल का कहना है कि झारखंड में गो रक्षा कानून लागू है. पर सरकार और प्रशासन की उदासीनता के कारण लगातार गो तस्करी और हत्या हो रही है. ऐसे में गोरक्षकों द्वारा इसका विरोध करने पर उलटे ही उन पर झूठे केस और मुकदमा कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है. पिछले दिनों विहिप के क्षेत्रीय प्रमुख त्रिलोकीनाथ बागी ने भी रांची में कहा था कि गो तस्करों से सरकार का कोई नुमाईंदा पूछताछ भी नहीं कर रहा है. उन्होंने गो तस्करी मामले में जिला प्रशासन की मिलीभगत की बातें कही हैं.

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