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लोगों के हंगामे के बाद प्रशासन ने दिया आश्वासन- रातू रोड कब्रिस्तान में नहीं दफनाया जायेगा कोरोना मरीज का शव

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Ranchi : हिंदपीढ़ी के एक कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत के बाद उसका शव दफनाने को लेकर विरोध शुरू हो गया. रातू रोड कब्रिस्तान शव दफनाने की योजना की खबर लगते ही स्थानीय लोग विरोध में सड़क पर उतर आये.

भारी विरोध को देखते हुए मौके पर पहुंचे पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगो को भरोसा दिलाया कि कोरोना पॉजिटिव मरीज के शव को रातू रोड कब्रिस्तान में नहीं दफनाया जायेगा.

हालांकि शव का अंतिम संस्कार अब कहां होगा, इसको लेकर प्रशासन ने आधिकारिक रूप से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है. शव करीब सात घंटे से रिम्स परिसर में एंबुलेंस में पड़ा हुआ है. चालक पीपीई सूट पहनकर प्रशासन के निर्देश का इंतजार कर रहा है कि शव लेकर कहां जाना है.

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बरियातू कब्रिस्तान में भी हुआ था विरोध

लोगों के हंगामे के बाद प्रशासन ने दिया आश्वासन- रातू रोड कब्रिस्तान में नहीं दफनाया जायेगा कोरोना मरीज का शव
रिम्स परिसर में एंबुलेंस में रखा गया है शव.

बता दें कि कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति की मौत रविवार सुबह रिम्स में हो गयी थी. बाद में उस शव को दफनाने के लिए उनके परिजन बरियातू स्थित कब्रिस्तान पहुंचे थे. लेकिन लोगों ने वहां जमकर विरोध किया.

उसके बाद रातू रोड स्थित कब्रिस्तान दफनाने के लिए परिजन आने वाले थे. इसकी जानकारी जैसे ही स्थानीय लोगों को मिली, वे विरोध स्वरूप सड़क पर उतर आये और लॉकडाउन का जमकर उल्लंघन किया.

हंगामे की सूचना मिलते ही ट्रैफिक एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग रातू रोड कब्रिस्तान पहुंचे. उन्होंने लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और शव यहां नहीं दफनाने का आश्वासन दिया.

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डीसी -एसडीओ भी पहुंचे थे


हंगामे की सूचना पर प्रशासन की टीम रातू रोड पहुंच गयी थी. डीसी राय महिमापत रे, एसडीओ लोकेश मिश्रा और सिटी एसपी सौरभ सहित कई आला अधिकारी मौके पर पहुंचे.

सूत्रों के मुताबिक कब्रिस्तान में शव को दफनाने के लिए नहीं लाया गया. उसके पहले से ही लोग उसे जलाने की मांग पर अड़े हुए थे.

वहीं पुलिस अधिकारी लोगों को समझा रहे थे कि डब्ल्यूएचओ के नियमों के तहत ही शव को दफनाने की प्रक्रिया की जायेगी ताकि इलाके में संक्रमण नहीं फैल सके. अंततः लोग नहीं दफनाने के आश्वासन पर माने.

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