
NewDelhi : समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच लोकसभा चुनाव से पहले हुए गठबंधन का अंत होने की खबर है. हालांकि इसकी कोई अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन मायावती ने यूपी में 11 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर गठबंधन की स्थिति साफ कर दी है. इस मसले पर अभी सपा की ओर से कोई बयान नहीं आया है. बता दें कि सपा-बसपा गठबंधन को पहले भी राजनीतिक विश्लेषक बेमेल समझौता बताते आ रहे थे.
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मायावती ने लोकसभा चुनाव में कमजोर सीटें अखिलेश यादव को दी
राजनीतिक विश्लेषक मायावती की चालाकी का भी जिक्र करते थे कि कैसे मायावती ने अखिलेश यादव के खाते में वह सीटें दे दी, जिन पर उनकी जीत की कोई गुंजाइश नहीं बन पा रही थी. लखनऊ, गोरखपुर, बनारस, गाजियाबाद जैसी लोकसभा सीटों का उदाहरण दिया गया था. बता दें कि गठबंधन को लेकर सपा के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव खुश नहीं थे. अपनी नाराजगी उन्होंने साफ जाहिर कर दी थी.
उधर सपा से अलग होकर शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पार्टी बनाई और अपने उम्मीदवार सभी सीटों पर उतारे. शिवपाल यादव ने भी इस गठबंधन का मजाक उड़ाया था. गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र आया लेकिन कहा गया कि दोनों पार्टियां अब इस हादसे से उबर चुकी हैं. मंच पर मायावती के साथ मुलायम और अखिलेश की कई तस्वीरें सामने आईं. हालांकि एक चुनावी भाषण में मायावती यह कहने से नहीं चूकीं कि सपा के कार्यकर्ताओं को बसपा के लोगों से काफी कुछ सीखने की जरूरत है.
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