
Lucknow: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बुधवार को प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है. यह फैसला न्यायमूर्ति आलोक माथुर की पीठ ने कई याचिकाकर्ताओं की याचिका पर एक साथ सुनवाई करके पारित किया. मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने एक जून को अपना फैसला सुरक्षित रखा था. केस की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी.
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बता दें कि याचिकाकर्ताओं ने घोषित परीक्षा परिणाम में कुछ प्रश्नों की सत्यता पर सवाल उठाया था. शिकायतकर्ताओं ने 8 मई 2020 को जारी आंसर शीट में चार उत्तरों को लेकर आपत्ति जताई है. जिसे लेकर कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को विवादित प्रश्नों पर अपनी आपत्ति एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार के समक्ष पेश करने को कहा है.
सरकार इन आपत्तियों को यूजीसी को भेजेगी और आयोग इन आपत्तियों का निस्तारण करेगा. गौरतलब है कि सरकार नियुक्तियां पूरी करने में बहुत तत्परता दिखा रही थी. योगी सरकार का मानना था कि इस कोरोना काल में जल्द नियुक्तियां होने पर अनेकों अभ्यार्थियों को बहुत राहत मिलेगी. 2 जून को ही सहायक शिक्षकों के 69000 पदों के लिए चयनित उम्मीदवारों की अंतिम मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई थी.
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह एवं अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता रणविजय सिंह ने पक्ष रखा था, जबकि विभिन्न याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एल पी मिश्र, एच जी एस परिहार, सुदीप सेठ आदि ने पक्ष रखा.
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