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सरकारी बैंकों का होगा निजीकरण? मोदी सरकार नीति आयोग के प्रस्ताव पर कर रही विचार !  

New Delhi: मोदी सरकार सरकारी बैंकों के निजीकरण की ओर कदम बढ़ाने की तैयारी में है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नीति आयोग ने इस तरह का प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर केंद्र सरकार की ओर से विचार किया जा रहा है. रिपोर्ट की मानें तो पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन ओवरसीज बैंक के प्राइवेटाइजेशन से इस प्रक्रिया की शुरुआत हो सकती है.

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याद दिला दें कि इससे पहले कई सरकारी बैंकों का आपस में विलय हुआ था, लेकिन उनमें ये तीनों ही बैंक शामिल नहीं थे. ऐसे में माना जा रहा है कि इनके निजीकरण से ही शुरुआत की जा सकती है. निजीकरण को लेकर सरकार का मानना है कि लंबे समय तक टैक्सपेयर्स की रकम को बैंकों को बेलआउट पैकेज देने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने मोदी सरकार को सलाह दी है कि बैंकिंग सेक्टर में लंबे समय के लिए निजी निवेश को मंजूरी दी जानी चाहिए. इसके लिए आयोग ने देश के बड़े औद्योगिक घरानों को भी बैंकिंग सेक्टर में आने की अनुमति देने का सुझाव दिया है. लेकिन इन कॉरपोरेट घरानों को लेकर यह नियम होगा कि वे संबंधित बैंक से अपनी ग्रुप कंपनियों को कर्ज नहीं देंगे.

उल्लेखनीय है कि बीते तीन सालों में बैंकों के विलय के कारण सरकारी बैंकों की संख्या 27 से 12 हो गई है. इसी साल 1 अप्रैल से 10 सरकारी बैंकों का विलय होने के बाद 4 बैंकों में तब्दील हो गए हैं.

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