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दुमका डीसी IAS राजेश्वरी बी ने किया ऐसा ट्विट जिससे ब्यूरोक्रेट गलियारे में होने लगी गॉशिप

Ranchi: अमूमन देखा जाता है कि राज्य सरकार का कोई IAS अधिकारी या तो सरकारी योजनाओं के बारे ट्विट करता है, या फिर सरकारी कार्यक्रम के बारे में. लेकिन केंद्र सरकार के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और राज्य का बंटवारा कर, दो केंद्र शासित प्रदेश बनाये जाने के बाद से झारखंड की दुमका डीसी IAS राजेश्वरी बी ट्रोल होने लगी हैं. दरअसल दुमका डीसी राजेश्वरी बी ने केंद्र सरकार की घोषणा के बाद अपने ट्विटर हैंडल @RSB_85 से एक ट्विट किया. उन्होंने व्हाट्सएप पर ट्रोल एक फॉर्वर्डेड मैसेज ट्विट किया. मैसेज था

“सावन का पहला सोमवार- चंद्रयान-2, दूसरा सोमवार-3-तलाक, तीसरा सोमवार-35A-370? लग रहा है महादेव तांडव मुद्रा में हैं. हरहर महादेव…”

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हालांकि ट्विट के साथ उन्होंने #whatsappforward और #whatsapp भी टैग किया है. लेकिन इस मैसेज के बाद से ही वो कई लोगों के निशाने पर आ गयीं. उनके इस ट्विट के लिंक को सभी व्हाट्सएप पर वायरल करने लगे. सवाल उठने लगे कि क्या एक IAS अधिकारी को ऐसे धर्म विशेष मैसेज करना चाहिए.

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IAS वंदना डाडेल को भी झेलनी पड़ी थी परेशानी

इससे पहले IAS वंदना डाडेल को भी धर्म विशेष टिप्पणी करने पर परेशानी झेलनी पड़ी थी. जुलाई 2018 में वंदना डाडेल ने फेसबुक पर एक धर्म विशेष को लेकर कुछ टिप्पणी की थी. जिसके बाद से ही यह चर्चा का विषय बन गया था. उन्होंने लिखा था कि मैंने ताजा घटनाक्रम के मद्देनजर एससी रॉय की किताब द मुंडाज एंड देयर कंट्री पढ़ी है.

उस किताब में मुंडा और उरांव के लिए ईसाई मिशनरियों के आगमन को वरदान बताया गया है. ईसाई मिशनरियों ने मुंडा और उरांव जनजाति के सामाजिक और शैक्षणिक स्तर को ऊपर उठाने में गति प्रदान की है. छोटानागपुर की मिशनरी संस्थाओं ने स्वयं को केवल आध्यात्मिक और शैक्षणिक क्षेत्रों तक ही केंद्रित नहीं रखा.

विभिन्न क्षेत्रों में मिशनरियों की गतिविधियों ने हमेशा सरकार की योजनाओं को बढ़ावा दिया. योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रोत्साहन देते हुए मदद को हमेशा तैयार रहे. इससे पहले वंदना डाडेल ने अक्टूबर 2016 में भी फेसबुक पर धर्म परिवर्तन को लेकर टिप्पणी की थी, जिसकी वजह से उन्हें सरकार की तरफ से नोटिस तक थमाया गया था.

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Nayika

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