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ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का राज्य में व्यापक असर, बैंक से लेकर असंगठित क्षेत्र में कामकाज ठप

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  • नौ जनवरी को भी जारी रहेगी हड़ताल, 73 स्थानों पर ग्रामीणों ने रेलवे और मुख्य मार्ग बंद किया
  • राज्य के लगभग एक करोड़ मजदूर और कर्मचारी हुए शामिल
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Ranchi : ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का राज्य में व्यापक असर देखा गया. हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को राज्य के लगभग एक करोड़ मजदूर और कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हुए. कुछ कार्य क्षेत्रों में इसका आंशिक असर देखा गया, जिसमें मुख्यतः परिवहन क्षेत्र रहा. सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारियों की आंशिक उपस्थिति दर्ज की गयी. साथ ही बैंककर्मी, कोयला मजदूर, बीमा, डाक, दूरसंचार समेत सभी क्षेत्रों में काम ठप देखा गया. 12 सूत्री मांगों को लेकर नौ जनवरी को भी ट्रेड यूनियनों की हड़ताल जारी रहेगी. ट्रेड यूनियनों की ओर से आयोजित संयुक्त हड़ताल को यूनियनों ने सफल बताया है. हड़ताल सीटू, एटक, इंटक, एक्टू, एचएमएस, एआईयूटीयूसी की ओर से की गयी है.

उद्योगों पर दिखा असर

इस दौरान राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बंद रहे, जिसमें गम्हरिया, एचईसी, आदित्यपुर, कांड्रा पूरी तरह ठप रहे. इस्पात उद्योग पर इसका आंशिक असर देखा गया. चहलगांव से फर्राका जानेवाली कोयला लदी ट्रेनों को सुबह छह बजे से ही ग्रामीणों ने रोक दिया. यहां लगभग दो हजार की संख्या में ग्रामीणों ने रेलवे लाइन पर धरना दिया. इसके अलावा सीसीएल, बीसीएल, ईसीएल के साढ़े दो लाख कोयला मजदूरों ने काम ठप रखा. अखिल भारतीय विद्युत सगंठनों के आह्वान पर विद्युतकर्मी और अभियंताओं ने काला बिल्ला लगाकर काम किया. विद्युत डिप्लोमा अभियंता संघ के अध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि तीन सूत्री मांगों के लिए विद्युतकर्मी दो दिनों तक काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे.

ग्रामीण बैंक में 50 करोड़ का कारोबार हुआ ठप

बैंककर्मियों ने इस हड़ताल में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी. ग्रामीण बैंक की मुख्य शाखा, पांच क्षेत्रीय शाखा समेत 240 शाखाएं बंद रहीं, जिससे बैंक में लगभग 50 करोड़ का कारोबार ठप रहा. झारखंड ग्रामीण बैंक इप्लॉईज एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके सहाय ने बताया कि दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन ग्रामीण बैंक में हड़ताल पूरी तरह सफल रही.

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73 स्थानों पर ग्रामीणों ने रेलवे और सड़क मार्ग किया अवरुद्ध

किसान समन्वय समिति की ओर से घोषित कार्यक्रम के तहत किसानों ने भी हड़ताल को समर्थन दिया. समिति की ओर से घोषणा की गयी थी कि आठ और नौ जनवरी को गांव बंद रहेंगे. इसके लिए ग्रामीणों ने 73 स्थानों पर रेलवे और मुख्य सड़कों को बंद किया. किसानों का विशेष प्रदर्शन अड़की, सोनाहातू, बुंडू, मिर्जापुर, जामताड़ा, महगामा, गोड्डा, कोडरमा, राजधनवार, बगोदर समेत अन्य जगहों में किया गया, जहां ग्रामीणों ने रेलवे और मुख्य सड़क मार्ग बाधित किया. हड़ताल में दो लाख किसानों की भागीदारी हुई. नौ जनवरी को भी किसान हड़ताल में शामिल होंगे.

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