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नवजात का शव गोद में लिए बूढ़ी दादी को है एंबुलेंस का इंतजारः रिम्स में निजी एंबुलेंस चालकों की हड़ताल

हड़ताल के कारण एक पिता अपने बच्ची को गोद मे लेकर घर जाने को मजबूर

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Ranchi : रिम्स परिसर का नजारा आज कुछ बदला-बदला सा दिखा. मरीज और उनके परिजनों में बेचैनी थी. किसी को इलाज के बाद घर लौटना था, तो कोई अपने जिगर के टुकड़ें को केलेज से लगाये एंबुलेंस के इंतजार में बैठा है. अब ये इंतजार कब खत्म होगा, ये कहना फिलहाल मुश्किल है. दरअसल, रिम्स में निजी एंबुलेस चालकों ने अचानक हड़ताल कर दी है. इससे मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. मरीज जिनकी छुट्टी कर दी गयी है, वो अपने घर जाने में असमर्थ नजर आ रहे हैं.

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हालात ये है कि यहां एक नवजात जिसकी मृत्यु जन्म के कुछ समय बाद हो गयी थी, उसके शव को सीने से लगाये बूढ़ी दादी एंबुलेंस का इंतजार कर रही है. नवजात के पिता गुर्गासिंह मुंडा ने बताया कि सुबह 8 बजे से ही बाहर बैठे हुए हैं. एम्बुलेंस रूम में गए, लेकिन उन लोगों ने एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने से साफ इनकार कर दिया. अन्य मरीजों को भी कुछ ऐसे ही परिस्थितयों से दो-चार होना पड़ रहा है.

अनगड़ा के रहने वाले लालकु महतो जिनकी बीमारी ठीक हो चुकी है, लेकिन भी उनके परिवार वाले अपने मरीज को घर ले जाने में असमर्थ है. कोडरमा से अपनी बच्ची का इलाज कराने आये सुरेश महतो ने बताया कि एम्बुलेंस का काफी इंतजार किया. लेकिन नहीं मिलने के कारण गोद मे ही बच्ची को ले जा रहे है. ऑटो से बस स्टैंड ले जाएंगे, उसके बाद कोडरमा के लिए बस पकड़ लेंगे.

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क्या है मांग

दरअसल निजी एम्बुलेंस चालक रिम्स में स्थायी जगह देने की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर निजी एम्बुलेंस चालकों का एक प्रतिनिधिमंडल रिम्स के निदेशक से मिलने भी गया था. निदेशक ने मिलने से मना कर दिया, इसके बाद सभी चालक आक्रोशित हो गए और हड़ताल पर जाने का फैसला किया. सुबह 10 बजे से ही सभी चालक हड़ताल पर हैं.

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