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पलामू: मजदूर संगठनों की देशव्यापी हड़ताल का व्यापक असर, 60 करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित

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Palamu: देश के 10 प्रमुख मजदूर संगठनों एटक, एक्टू, सीटू, इंटक के अलावा सभी विपक्षी राजनीतिक दलों के श्रमिक संगठनों के दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का पलामू में व्यापक असर देखा गया. बैंकों में (एसबीआई को छोड़कर), एलआईसी, दूरसंचार, कोलियरी, पोस्ट ऑफिस, रसोइया संघ, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका संघ सहित निजी और सरकारी क्षेत्र के सभी कर्मचारियों के अलावा जिले में विभिन्न बैंकों के दो सौ कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए. हड़ताल के पहले दिन करीब 60 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ.

रैली के जरिए विरोध-प्रदर्शन

मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि सुबह सैकड़ों की संख्या में सड़कों पर उतरे. इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए श्रम कानून में बदलाव और बैंकों के विलय प्रक्रिया पर सरकार द्वारा लिए गए निर्णय का विरोध किया. स्थानीय साहित्य समाज के मैदान में हड़ताली श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि जमा हुए. वहां से पूरे बाजार क्षेत्र का भ्रमण करते हुए स्थानीय समाहरणालय परिसर पहुंचे और मुख्य गेट को जाम कर प्रदर्शन किए. श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हड़ताल को सफल बनाने के लिए जमकर नारेबाजी की.

जनविरोधी नीतियों से मजदूरों की हालत खराबः राजीव

दिहाड़ी मजदूर यूनियन के राजीव कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार श्रम कानूनों में बदलाव कर श्रमिकों के हित के साथ खिलवाड़ कर रही है. सरकार द्वारा बराबर जनविरोधी नीतियां अपनाने के कारण मजदूरों की हालत प्रतिदिन खराब होते जा रही है. हाल के दिनों में बैंकों का विलय करने का निर्णय सरकार ने लिया है. इससे आने वाले समय में काफी खराब परिणाम सामने आयेंगे.

स्कूलों के विलय से शैक्षणिक वातावरण प्रभावित

झारखंड में भी रघुवर सरकार स्कूलों का विलय कर रही है. इससे स्कूलों का शैक्षणिक वातावरण पूरी तरह से खराब हो गया है. सरकार स्कूलों के विलय प्रक्रिया पर शीघ्र ही रोक लगाए. उन्होंने कहा कि पलामू जिले के चैनपुर में कई माईंस काफी सालों से बंद है. माईंस बंद होने से मजदूर बेरोजगार हो गए हैं. सरकारी जल्द ही माईंस को खोलने का निर्णय ले, जिससे की मजदूरों को रोजगार उपलब्ध हो सके.

मौके पर भाकपा माले के सरफराज अलाम, भाकपा के सूर्यपत सिंह, जिला सचिव रूचिर तिवारी, एसएन नेहरू, केडी सिंह आदि उपस्थित थे.

ये है मुख्य मांगें

  1. राष्ट्रीय पेंशन योजना को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करना
  2. सातवें वेतन आयोग से संबंधित न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फॉर्मूले को लागू करना
  3. ग्रुप बी और ग्रुप सी के पदों पर क्षेत्रीय भर्ती योजना को अपनाना
  4. समान काम का समान वेतन लागू करना
  5. ग्रुप बी और ग्रुप सी के कर्मचारियों को पांच पदोन्नति देना शामिल हैं

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