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19 संस्थानों की संबद्धता रद्द करने को लेकर छात्रों का यूनिवर्सिटी में हंगामा,  यूनिवर्सिटी ने परीक्षा तिथि टाली  

विभिन्न संगठनों के बैनर तले विभिन्न छात्र संगठन एकजुट हुए. जिन्होंने दिन भर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पास घेराव किया.

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Ranchi :  राज्य के पालिटेक्निक कालेजों की संबद्धता न होने का मामला सोमवार को तूल पकड़ा. विभिन्न छात्र संगठनों ने झारखंड राज्य टेक्निकल यूनिवर्सिटी का घेराव किया.  विभिन्न संगठनों के बैनर तले विभिन्न छात्र संगठन एकजुट हुए. जिन्होंने दिन भर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पास घेराव किया. जिन संस्थानों की संबद्धता रद्द की गयी उसमें 11 पालिटेक्निक और 8 बीटेक कालेज है.

छात्रों का कहना है कि छात्रों की परेशानी कालेज प्रबंधन को समझनी चाहिए. इसमें छात्रों की परेशान नहीं किया जाना चाहिए.   छात्रों ने कहा कि बीच सत्र में मान्यता समाप्त करना उचित नहीं है. इस क्रम में पांच छह घंटे तक छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में हंगामा किया. तब जाकर कुलपति गोपाल पाठक ने छात्रों से मुलाकात की.

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छात्रों के दबाव में परीक्षा की तिथि बढ़ायी गयी

छात्रों के हंगामा करने पर टेक्निकल यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से  छात्रों को समझाने का प्रयास किया गया. लेकिन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् समेत अन्य छात्र संगठनों ने लिखित आश्वासन की मांग की.  इसके बाद छात्रों ने कुलपति गोपाल पाठक से मुलाकात की. जिसके बाद एक पत्र जारी किया गया. जिसमें बताया गया है कि परीक्षा की तिथि अनिश्चित समय के लिए टाल दी गयी है. इसके पूर्व रविवार को यूनिवर्सिटी की ओर से छात्रों से किसी भी तरह का अनैतिक और गैर कानूनी काम नहीं करने का अनुरोध किया गया था.

 हाईकोर्ट के निर्णय तक परीक्षा तिथि टाली गयी

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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के सदस्यों ने इस दौरान कुलपति से मुलाकात की. उन्होंने छात्रों के समक्ष उच्च शिक्षा सचिव से बात की. जिसके टेक्निकल यूनिवर्सिटी की ओर से एक पत्र निगर्त किया गया. जिसमें बताया गया है कि इंजीनियरिंग डिप्लोमा की 24 जून को होने वाली चौथे और छठे सेमेस्टर की परीक्षा अनिश्चिकालीन समय के लिए टाल दी गयी है. इससे संबधित मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है. ऐसे में जब तक हाईकोर्ट की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया जाता. तब तक परीक्षा की तिथि नहीं निकाली जायेगी.

 क्या है मामला

18 पालिटेक्निकल कालेजों पर सरकार ने नीतिगत फैसला लिया है कि बगैर एफिलिएशन के कोई भी छात्र परीक्षा नहीं दे सकेंगे. इन 18 संस्थानों का 2016-17, 2017-18, 2018-19 के पॉलिटेक्निक के पाठ्यक्रमों को संचालित करने के लिए किसी प्रकार की एफिलिएशन नहीं ली है. वहीं इससे 6,700 छात्रों का भविष्य अधर में लटका है. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 2016 के बाद से संस्थानों को एफिलिएशन के साथ एक एक लाख रुपये डिमांड ड्राफ्ट में देने हैं.

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