
Dheeraj Kumar
Ranchi: झारखंड में शराब मामले को लेकर क्या-क्या घोटाला हुआ है, उसकी जांच एसीबी कर रही है. इसके इतर यह बताना बहुत जरूरी है कि यह जांच कैसे और क्यों हो रही है. चार साल के बाद झारखंड सरकार की नींद टूटती है और इनको पता चलता है कि शराब नीति में कुछ घोटाला हुआ है, और सीएम हेमंत सोरेन के अति प्रिय विनय चौबे को जेल जाना पड़ता है. अब इससे आगे की कहानी यह है, की नई शराब नीति कैबिनेट से जब पास हो गई, तो सिंडिकेट पूरे व्यापार पर हावी होने की कोशिश कर रहे हैं. इस काम में सत्ता शीर्ष पर बैठे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिली-भगत इन सिंडीकेट के लोगों से है. आज जो प्रोजेक्ट भवन के तीसरे तल्ले पर हुआ वह बेहद ही शर्मनाक है.
PP और YT पहुंचे मुख्यमंत्री सचिवालय और किया हंगामा
शराब व्यापार या फिर शराब की जानकारी रखने वाले सभी लोग जानते हैं कि PP और YT कौन हैं! इन दोनों के कर्मी या कहें कि वह खुद आज प्रोजेक्ट भवन पहुंचे. जानकारी के मुताबिक उत्पाद विभाग के कमिश्नर से बातचीत करने का बताया जा रहा है कि उनके पास दो बड़े बैग थे. हालांकि यह पुष्टि नहीं हो पा रही है कि उस बैग में क्या था. लेकिन उनकी बात नहीं बनी, और हंगामा हो गया. बीच बचाव के लिए एक अन्य अधिकारी को आना पड़ा, तब जाकर बात बनी, और मामला शांत हुआ. इस वारदात के बाद यह समझा जा सकता है कि कैसे नई शराब नीति आने के बाद सिंडिकेट पूरे शराब कारोबार पर हावी है. इस घटना की जानकारी पुख्ता सूत्रों के हवाले से दी जा रही है.




