
New Delhi: अमेरिकी संसद की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा से चीन व ताइवान के बीच शुरू हुआ तनाव थमने का नाम नहीं रहा है. युद्ध अभयास के नाम पर चीनी सैनिक ताइवान के समीप मंडरा रहे हैं. रविवार को ताइवान जलडमरूमध्य में चीन और ताइवान के कई जंगी जहाज आमने-सामने आ गए. इससे कुछ घंटों के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई. हालांकि, बाद में दोनों तरफ के जहाज पीछे हट गए. इसके बाद चीनी सेना की पूर्वी थियेटर कमान ने कहा, योजना के मुताबिक एक साथ जमीनी व हवाई हमले के अभ्यास में क्षमता और तालमेल को परखने का काम पूरा हो गया है.
इधर, ताइवान के प्रधानमंत्री सु त्सेंग-चांग ने कहा है कि चीनी हमले की आशंका बरकरार है. देश के आसपास से चीनी सेना नहीं हटी है. साथ ही कहा कि ताइवान विवाद नहीं बढ़ाना चाहता. संयम से अपनी आजादी, लोकतंत्र और संप्रभुता की रक्षा कर रहा है. ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चीन के कुल 14 जहाज और 20 विमान देश के आसपास मौजूद हैं.
दूसरी ओर अमेरिकी व्हाइट हाउस के प्रवक्ता नेड प्राइस व अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि ताइवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधियां यथास्थिति को बदलने की उत्तेजक व गैरजिम्मेदार कोशिशें हैं.




