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#CycloneAmphan : अगले 4 घंटे बेहद अहम, कोलकाता में चल सकती है 110 KMPH तूफानी हवाएं, NDRF पूरी तरह से तैनात

NW Desk : सुपर साइक्लोन अम्फान पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ तटीय हिस्सों से टकरा चुका है. जिसके बाद से ही लगातार बंगाल के अलावा ओडिशा में भी तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गयी है. इस तूफान से एक बार फिर 21 साल से बाद बड़ी तबाही होने का खतरा मंडरा रहा है. भीषण चक्रवाती तूफान अम्फान बंगाल की खाड़ी से उठा है. जिसका पहला प्रहार पारादीप में होगा. पारादीप में तेज तूफानी हवाओं से साथ तेज बारिश भी हो रही है.

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तूफान अम्फान का लैंडफाल शुरू हुआ

इस तबाही के तूफान के बारे में एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने बताया कि बंगाल में सुपर साइक्लोन अम्फान का लैंडफाल शुरू हो गया है. जिसे देखते हुए अगले कुछ घंटे काफी अहम हैं. साथ ही कहा कि लैंडफॉल की प्रक्रिया करीब चार घंटे तक चलेगी. इससे हालात पर पूरी तरह से हमने नजर बनाकर रखा है.

प्रधान ने कहा कि लैंडफाल के बाद हमारा काम शुरू होता है. पश्चिम बंगाल और ओडिशा इन दोनों राज्यों पर हमारी पूरी नजर है. उन्होंने बताया कि ओडिशा में एनडीआरएफ की 20 टीमों के साथ ही पश्चिम बंगाल में 19 टीमें काम में लगी हुई हैं.

NDRF डीजी प्रधान ने कहा कि जो टीमें काम में लगायी गयी हैं, सबके पास सेटेलाइट संचार सिस्टम है. साथ ही बताया कि हमारी टीम के पास अत्याधुनिक पेड़ कटाई और खंभों की कटाई के यंत्र भी मौजूद हैं.

प्रधान ने बताया कि दोनों राज्यों में 41 टीमों को तैनात किया गया है. जबकि बंगाल में दो टीमों को स्टैंड बाई पर रखा गया है. जिसमें से एक टीम को अभी कोलकाता में तैनात किया जा रहा है.

106 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं हवाएं

वहीं अम्फान के बारे में भारतीय मौसम विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि सुपर साइक्लोन अम्फान पश्चिम बंगाल में सुंदरबन के पास पहुंच रहा है. साथ ही बताया कि अम्फान की वजह से ओडिशा में करीब 106 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं.

उन्होंने बताया कि कोलकात में सुपर साइक्लोन के शाम तक पहुंचने की उम्मीद है. और अनुमान के मुताबिक, अम्फान के कोलकाता पहुंचने पर वहां 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी.

ओडिशा से ज्यादा पश्चिम बंगाल में नुकसान की आशंका

इस भीषण चक्रवाती तूफान को लेकर ऐसी आशंका है कि तूफान यदि कोलकाता के पास से गुजरेगा, तो भारी तबाही होगी. इससे कोलकाता , हुगली और हावड़ा जिलों में भी तूफानी हवा की रफ्तार 110-135 किलोमीटर तक हो सकती है.

जबकि ओडिशा में 106- 107 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं से भारी नुकसान हुआ है. लेकिन बंगाल में कितना नुकसान होगा. इससे सोचा जा सकता है. सबसे ज्यादा तेज तूफानी हवा की रफ्तार साउथ और नॉर्थ 24 परगना और मिदनापुर जिलों में होगी.इन जिलों में हवा की रफ्तार 155-185 किमीं प्रति घंटे तक होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

बंगाल में कंट्रोल रूम से नजर रख रही सरकार

भीषण चक्रवाती तूफान अम्फन को लेकर बंगाल की ममता सरकार ने कंट्रेल रूम बनाया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोपहर राज्य सचिवालय में बनाये गये कंट्रोल रूम में जा पहुंची. उन्होंने यहां जायजा लिया. इस दौरान वहां मुख्य सचिव राजीव सिन्हा, गृह सचिव अलापन बनर्जी राज्य सुरक्षा सलाहकार सूरजीत कर पुरकायस्था और अन्य अधिकारी मौजूद थे.

मौसम विभाग से जारी किये जा रहे लाइव अपडेट को कंप्यूटर मॉनिटर पर सीधे निगरानी रखी जा रही है. इसे लेकर सीएम दिशा निर्देश भी दे रही हैं और तूफान की स्थिति पर नजर भी रख रही हैं.

बता दें कि मुख्यमंत्री ने तूफान से बचाव के लिए लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी है.सीएम के उन्हीं के निर्देश पर ही कंट्रोल रूम शुरू किया गया है. जिसमें तीन हेल्पलाइन नंबर जारी कर लोगों की मदद की पहल की गयी है.

दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर में करीब चार लाख लोगों को कच्चे मकानों से निकालकर पक्के मकानों में शिफ्ट कर दिया गया है. चक्रवात से निपटने के लिए आर्मी, एयरफोर्स, नेवी के साथ-साथ इंडियन कोस्ट गार्ड और बीएसएफ ने भी कमर कस ली है। नेवी की एक गोताखोर टीम मंगलवार को ही कोलकाता पहुंच चुकी है, और एक दूसरी टुकड़ी चिल्का में है.

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