
Ranchi: झारखंड में नयी सरकार हेमंत सोरेन के नेतृत्व में बनायी जा चुकी है. नयी सरकार की पहली जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए सत्र भी बुलाया गया है.
झारखंड में विधानसभा की नयी भव्य इमारत होने के बाद भी पांचवें विधानसभा का पहला सत्र पुराने विधानसभा भवन में ही बुलाया गया है.
इसके पीछे की वजह यह है कि नये विधानसभा भवन में काम पूरा नहीं हुआ है और ना ही भवन को सरकार को सौंपा गया है.
भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि विधानसभा के नये भवन की टेस्टिंग और कमीशनिंग की प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद ही भवन को सरकार को सौंपा जा सकेगा.
मतलब साफ है कि भवन अभी तक कंस्ट्रक्शन कंपनी के पास ही है और सौंपा जाना बाकी है. वहीं विधानसभा के सचिव महेंद्र प्रसाद ने बताया कि विधानसभा का भवन अब तक विधानसभा को सौंपा नहीं गया है इसलिए सत्र पुराने भवन में ही चलेगा.
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रघुवर दास ने बुलाया था विशेष सत्र, नहीं पहुंचे थे झामुमो के विधायक
रघुवर दास की सरकार ने विधानसभा का स्पेशल सत्र नये परिसर में बुलाया था जिसके बाद यह लग रहा था कि अब नयी सरकार की सभी कार्यवाही नये विधानसभा परिसर में ही पूरी की जायेगी.
जब विशेष सत्र बुलायी गयी थी उस वक्त भी तत्कालीन सरकार में विपक्ष की भूमिका में रहे झामुमो के विधायकों ने सत्र में भाग नहीं लिया था.
नयी सरकार की पहली कैबिनेट में 6 से 8 जनवरी तक सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया था. उस वक्त भी किसी को यह नहीं लगा कि पुराने विधानसभा में यह सत्र चलेगा.
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किस दिन क्या होगा?
तय कार्यक्रम के मुताबिक 6 जनवरी को नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलायी जायेगी, जबकि 7 जनवरी को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू सदन को संबोधित करेंगी.
इसी दिन वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए दूसरा पूरक बजट सदन के पटल पर रखा जायेगा. 8 जनवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होगा और सदन में बहस की शुरुआत की जायेगी. इसी दिन बाद में दूसरा पूरक बजट पारित कर दिया जायेगा.
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