
Ranchi: झारखंड में जिस तरह साइबर ठगी के लिए जामताड़ा पूरे देश में बदनाम है, उसी तरह साहेबगंज का महाराजपुर गांव मोबाइल चोरी की पढ़ाई के लिए बदनाम है. साहेबगंज जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर महाराजपूर गांव में चोरी करने का प्रशिक्षण दिया जाता है. महाराजपुर गांव और तीनपहाड़ से मोबाइल चोरी करने की पढ़ाई पढ़कर आए मोबाइल चोर राजधानी रांची सहित झारखंड के अन्य जिलों में मोबाइल चोरी की घटनाओं का अंजाम दे रहे है. हाल में गिरफ्तार हुए एक मोबाइल चोर से जब पूछताछ की गयी तो उसने इसकी जानकारी दी. इस मामले में साहेबगंज एसपी ने कहा कि मोबाइल चोरी से लाखों की संपत्ति अर्जित करने वाले ऐसे गिरोह के बड़े सरगना की संपत्ति जप्त करने की तैयारी चल रही है.
बच्चों को भी दिया जाता है प्रशिक्षण
मिली जानकारी के अनुसार साहेबगंज जिले के महाराजपूर गांव और तीनपहाड़ इलाके में मोबाइल चोरी की पढ़ाई को लेकर जिले में बदनाम हैं. यहां छोटे-छोटे नाबालिग बच्चो को भी मोबाइल चोरी करने के तरीके सिखाए जाते हैं. घरों में चोरी करने का प्रशिक्षण दिया जाता है. इसके बाद बच्चों को मोबाइल चोरी करने के लिए बाहर के शहर में भेजा जाता है. जहां ये बच्चे मोबाइल चुराकर अपने गिरोह के सदस्य को दे देते हैं. फिर उन मोबाइलों को स्थानीय बाजार में लाकर बेचा जाता है. इससे गिरोह को सालाना लाखों की कमाई होती है.
पूरी तैयारी के साथ देते हैं चोरी की घटना का अंजाम
हाल में मोबाइल चोरी के आरोप में गिरफ्तार हुए अपराधियों से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने पुलिस को बताया कि वे पूरी तैयारी के साथ मोबाइल की चोरी करते हैं. भीड़भाड़ वाले क्षेत्र, शॉपिंग मॉल, बड़ी दुकानें, जैसी जगहों की पहले रेकी करते हैं. जिसके पास से मोबाइल चोरी करना है, गिरोह के लोग वैसे व्यक्ति पीछे लग जाते हैं. और मौका देखते ही लोगों के पॉकेट या बैग से मोबाइल निकाल कर अपने दूसरे साथी को देकर फरार हो जाते हैं.
हर महीने बदलते हैं शहर
मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य किसी भी शहर में एक महीने से ज्यादा नहीं रहते हैं. ये हर महीने शहर बदल देते हैं. गिरोह के सदस्यों को प्रति मोबाइल चोरी करने के बदले में दो सौ रुपये दिये जाते हैं. ऐसे गिरोह के अधिकतर सदस्य रेलवे स्टेशन पर रहते हैं. शहर में दिन भर रहने के बाद ये लोग रांची रेलवे स्टेशन पर रात गुजारते हैं.
संपत्ति की जायेगी जब्त
इस मामले में साहेबगंज एसपी पी जनार्दन ने बताया कि मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के बड़े सरगना पर सख्त कार्रवाई की जायेगी. मोबाइल चोरी के पैसे से लाखों की संपत्ति अर्जित करने वाले बड़े सरगना की संपत्ति जब्त की जायेगी. 90 लोगों की लिस्ट बनायी गयी है, जिनकी संपत्ति जब्त की जायेगी. संपत्ति जब्त करने को लेकर डीसी को चिट्ठी भी लिखी गयी है. इसके बाद ईडी के सहयोग से जब्ती की कार्रवाई की जायेगी.
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