
Palamu : पलामू जिले के मेदिनीनगर के बालिका गृह में बच्ची को जन्म देनेवाली नाबालिग पीड़िता और उसका बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है. प्रसव के बाद दोनों को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. ब्लड की कमी पाये जाने पर गुरुवार को उसे एक यूनिट रक्त चढ़ाया गया. बच्चों के संरक्षण में लगे उमेश कुमार ने बी पॉजिटिव रक्त दिया.
बुधवार को शहर के बालिका गृह में रह रही पीड़िता 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को प्रसव पीड़ा हुई थी. उसने बालिका गृह में ही बच्ची को जन्म दिया था. बाद में उसे मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं. डॉक्टरों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उन्हें अस्पताल में रखा जायेगा. उसके बाद उसे पुनः बालिका गृह शिफ्ट कर दिया जायेगा.
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परिजनों ने अपनाने से कर दिया था इनकार
बताते चलें कि मई 2020 में पंडवा थाना क्षेत्र की रहनेवाली नाबालिग लड़की को उसके परिजनों द्वारा अपनाने से इनकार करने पर बालिका गृह लाया गया था. नाबालिग के परिजनों ने एक लड़के पर अपहरण का आरोप लगाया था, जिसके बाद पंडवा थाना की पुलिस ने नाबालिग को पांच महीने बाद 20 मई 2020 को बरामद किया था.
मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ पोस्को, 366 (ए), 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया था. आरोपी मेदिनीनगर सेंट्रल जेल में बंद है.
जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रकाश कुमार ने बताया कि पीड़िता को बालिका गृह लाने के बाद उसके प्रेग्नेंट होने की जानकारी मिली थी. उस समय परिजनों से बच्ची को ले जाने का आग्रह किया गया था, लेकिन उन्होंने अपनाने से इंकार कर दिया था.
पीड़िता के मां बनने के बाद पुनः उसके परिजनों से संपर्क साधा जायेगा. तैयार होने पर लड़की को उन्हें सौंप दिया जायेगा. अगर पुनः परिजन उसे अपनाने से इंकार करते हैं तो 18 साल पूरे होने तक उसे बालिका गृह में रखा जायेगा. इसके बाद कोर्ट के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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