
New Delhi: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और स्वतंत्रता सेनानी एवं शिक्षाविद पंडित मदन मोहन मालवीय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की.
Delhi: PM Narendra Modi and President Ramnath Kovind pay tribute to former PM Atal Bihari Vajpayee on his birth anniversary pic.twitter.com/OkvWyzboHN
— ANI (@ANI) December 25, 2019
प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, ‘ देशवासियों के दिलों में बसे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन.’
पंडित मदन मोहन मालवीय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मोदी ने कहा, ‘ भारत माता की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि.’
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उन्होंने कहा, ‘ उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने के साथ आजादी के आंदोलन में भी अहम भूमिका निभाई. उनकी विद्वता और आदर्श देशवासियों को सदा प्रेरित करते रहेंगे.’
Delhi: President Ramnath Kovind,Prime Minister Narendra Modi, Home Minister Amit Shah and Lok Sabha Speaker Om Birla at ‘Sadaiv Atal’ memorial to pay tribute to former PM Atal Bihari Vajpayee on his birth anniversary pic.twitter.com/k0hmcKBoup
— ANI (@ANI) December 25, 2019
उपराष्ट्रपति ने भी किया नमन
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सुशासन दिवस के रूप में मनायी जाने वाली उनकी जयंती के मौके पर देशवासियों से पारदर्शी सक्षम प्रशासन का संकल्प लेने की अपील की है.
नायडू ने ट्वीट किया, “आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती के अवसर पर सुशासन दिवस के उपलक्ष्य में लोकोपकारी, पारदर्शी, सक्षम प्रशासन के प्रति नव प्रतिबद्धता और संकल्प लें.”
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उन्होंने लोगों से सरकार की योजनाओं को सफल बनाने का आह्वान करते हुए कहा, “जन कल्याणकारी योजनाओं की सफलता के लिए जनभागीदारी जरूरी है. सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को जन अभियान बनाएं.”
इससे पहले उपराष्ट्रपति ने वाजपेयी द्वारा रचित एक कविता का अंश उद्धृत करते हुए एक अन्य ट्वीट में कहा, “आज श्रद्धेय अटल जी की जन्म जयंती के अवसर पर उनकी ही पंक्तियों से हमारे समय के अजातशत्रु को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं-
“मौत की उम्र क्या? दो पल भी नहीं,
ज़िन्दगी सिलसिला, आजकल की नहीं,
मैं जी भर जिया, मैं मन से क्यों मरूं,
लौट कर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं”
शत शत नमन”
गृह मंत्री और रक्षा मंत्री ने भी दी श्रद्धांजलि
गृह मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तथा स्वतंत्रता सेनानी एवं महान शिक्षाविद पंडित मदन मोहन मालवीय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की.
अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने अपनी राष्ट्रवादी सोच, बेदाग छवि और राष्ट्र समर्पित जीवन से भारतीय राजनीति में एक अमिट छाप छोड़ी. विचारधारा और सिद्धांतों पर आधारित अटल जी के जीवन में सत्ता का तनिक मात्र मोह नहीं रहा. उनके नेतृत्व में देश ने सुशासन को चरितार्थ होते देखा.’
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अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि अटल जी ने जहां एक तरफ कुशल संगठनकर्ता के रूप में पार्टी को सींचकर उसे अखिल भारतीय स्वरुप दिया तो वहीं दूसरी ओर देश का नेतृत्व करते हुए पोखरण परमाणु परीक्षण तथा करगिल युद्ध जैसे फैसलों से भारत की एक मजबूत छवि दुनिया में बनाई.
पंडित मदन मोहन मालवीय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने अपने ट्वीट में कहा, ‘पंडित मदन मोहन मालवीय जी का न सिर्फ देश की स्वतंत्रता में अद्वितीय योगदान रहा बल्कि उन्होंने देश में शिक्षा के लिए भी भागीरथी प्रयास किये.’
शाह ने कहा कि उन्होंने (मालवीय) युवाओं की अच्छी शिक्षा के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना करने के साथ-साथ पत्रकारिता व समाज सुधार में भी महती योगदान दिया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने ट्वीट में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी आज़ाद भारत के उन महान राजनेताओं में थे, जिन्होंने देश की राजनीति के साथ-साथ राजनय को भी नई दिशा और नई ऊंचाई देने में क़ामयाबी हासिल की.
उन्होंने कहा, ‘ वे आजीवन ‘अटल और अविचल’ रहे. अटलजी की जयंती के अवसर पर मैं उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण एवं नमन करता हूं.’
रक्षा मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘ महामना मदन मोहन मालवीय जी की जयंती के अवसर मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. मालवीय जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने के साथ-साथ भारतीय शिक्षा एवं संस्कृति के उन्नयन में विशेष योगदान किया है. यह देश और समाज उनका योगदान कभी नहीं भूलेगा.’
उल्लेखनीय है कि वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को हुआ था. उनकी जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनायी जाती है. उल्लेखनीय है कि वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था. पंडित मदन मोहन मालवीय का जन्म 25 दिसंबर 1861 को प्रयागराज में हुआ था.
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