
Ranchi: प्रकृति पर्व सरहुल के अवसर पर राजधानी रांची के विभिन्न सरना स्थलों पर पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई. राजधानी के मोरहाबादी स्थित हातमा बस्ती में हातमा सरना समिति की ओर से पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार मुख्य पुजारी जगलाल पाहन ने पूजा-अर्चना की. परंपरा के मुताबिक इस अवसर पर पांच रंगों के अलग-अलग मुर्गों की बलि चढ़ाई गई. कोरोना से बचाव के मद्देनजर सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सरना समितियों की ओर से पूजा की गई.
यहां हुआ सरहुल पर्व का आयोजन
राजधानी के लाइन टैंक रोड स्थित चड़री सरना समिति के संयोजक सबलू मुंडा, बबलू मुंडा सहित अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों ने पारंपरिक रीति रिवाज से पूजा-अर्चना की. शहर स्थित कोकर, तिरिल, गढ़ा टोली, मधुकम, धुर्वा, सिरम टोली, सहजानंद चौक, करमटोली, लाल सिरम टोली सहित दर्जनों सरना स्थल पर सरहुल पर्व धूमधाम से मनाया गया.
नहीं निकलेगा जुलूस
गौरतलब है कि वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण इस बार प्रशासन के अनुरोध पर सरना समितियों ने सरहुल का जुलूस नहीं निकालने का निर्णय लिया. शहर स्थित विभिन्न सरना स्थलों पर सरना समितियों की ओर से महज औपचारिकताएं निभाते हुए सरना स्थल पर पूजा अर्चना की गई. परंपरा के अनुसार सरना समितियों की ओर से कल फूलखोंसी का आयोजन किया जाएगा.




