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भाकपा माओवादी संगठन ने ग्रामीणों से सहानुभूति रखते हुए झारखंड सरकार से क्षतिपूर्ति की मांग की

Ranchi: झारखंड के जंगलों में पनाह लिए नक्सलियों को कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने बेचैन कर दिया है. भाकपा माओवादी के दक्षिणी जोनल कमेटी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर चाईबासा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है. भाकपा माओवादियों ने कहां है की कोरेना महामारी से एक तरफ लोगों की जान जा रही हैं और दूसरी तरफ चाईबासा पुलिस माओवादियों के खिलाफ अभियान के नाम पर निर्दोष ग्रामीणों पर कहर बरपा रही है .

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दक्षिणी जोनल कमेटी के प्रवक्ता अशोक ने प्रेस विज्ञप्ति में कहां है 9 जून 2021 को टोटो थाना क्षेत्र के रेंगडाहातू गांव के ग्रामीण आबील कोहाड को गिरफ्तार किया गया और पुलिस ने घर के सामान को जब्त कर लिया जिसका संगठन निंदा करता हैं.

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नक्सलियों ने कहा है. कोरोना महामारी से बचाव और खेती को लेकर ग्रामीणों के साथ एक मीटिंग रखी गई थी. कुछ दूरी पर हमारा एक दस्ता भी मौजूद था लेकिन तभी वहां पुलिस पहुंच गई. जहां दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई और पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे.

जिसके बाद अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों ने साऊ हेम्ब्रम के घर से पैसे और सामान निकालकर जला दिया गया.भाकपा माओवादी संगठन ने ग्रामीणों सहानुभूति रखते हुए झारखंड सरकार एक अनोखी मांग कर डाली है .नक्सलियों ने कहा है ग्रामीणों की जो संपत्ति बर्बाद हुई है उसकी क्षतिपूर्ति सरकार करे. जानकार बताते हैं की नक्सल संगठन में तेजी से फैल रहे संक्रमण से भगदड़ के हालात बन गए हैं. निचले कैडर से ज्यादा नक्सली संगठन छोड़कर गांव भाग गए हैं. नक्सली गांव में पनाह लिए हुए हैं और ग्रामीणों से सहानुभूति रखते हुए उनकी मदद कर रहे हैं.

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