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BIG BREAKING: अब राज्य की सड़कों पर भी कॉमर्शियल वाहनों से टोल टैक्स वसूलने की तैयारी

• राज्य सरकार ने 425 सड़कों का कराया सर्वे, दौड़ते हैं 1.89 लाख कॉमर्शियल वाहन
• सड़कों को डबल लेन में अपग्रेड कर टोल वसूलने की है योजना, खर्च होंगे 7710 करोड़
• जो सड़कें पहले से डबल लेन हैं, उनपर जल्द टोल सिस्टम लगेगा
• सभी सड़कों पर टोल लिया गया तो सालाना 1300 से 3500 करोड़ मिलेगा राजस्व

Nikhil kumar

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RANCHI: राज्य की सड़कों पर व्यावसायिक वाहनों से टोल टैक्स वसूलने की तैयारी की जा रही है. इसके पहले सड़कों को अपग्रेड कर कम से कम डबल लेन में तब्दील किया जायेगा. जो सड़कें पहले से डबल लेन हैं या इंटरमीडिएट लेन की है, उनपर जल्द ही टोल टैक्स की वसूली शुरू की जा सकती है.

टोल टैक्स के लिए जो रिपोर्ट तैयार हुई है, उसके अनुसार स्टेट हाईवे, मेजर डिस्ट्रिक्ट की रोड, माइनिंग एरिया, वन क्षेत्र में चलने वाले कॉमर्शियल वाहनों (ट्रक, डंपर, टेलर, टैक्ट्रर) आदि से टोल टैक्स वसूलने का प्रस्ताव है. जिन सड़कों पर टोल लिया जायेगा उन्हें चिह्नित किया जा रहा है. पथ निर्माण विभाग ने राज्य की सड़कों का सर्वे कराने के बाद इसकी रिपोर्ट राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपी है.

पथ निर्माण विभाग के इंजीनियरों के अनुसार राज्य भर के 425 पथों का सर्वे कराया गया है, जिनकी लंबाई 4856 किमी है. इन सड़कों पर प्रतिदिन 1 लाख 89 हजार कॉमर्शियल वाहनों का परिचालन होता है. इंजीनियरों के अनुसार इन पथों पर टोल टैक्स वसूलने के उन्हें दो लेन मानक में बदलना होगा. सर्वे में यह बात सामने आयी कि इन सड़कों को अगर अपग्रेड कर कम से कम दो लेन किया गया तो 7710 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी. इसके साथ ही टोल लेने के लिए झारखंड हाइवे की नियमावली 2011 में बदलाव करना होगा. अनुमान है कि रोड अपग्रेड कर टोल के जरिए टैक्स वसूली की स्थिति में सरकार को सालाना 1380 करोड़ से 3500 करोड़ रुपये तक राजस्व की प्राप्ति संभव हो सकेगी.

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राज्य में दो सड़कों से अभी 20.56 करोड़ टोल की हो रही वसूली

राज्य में नेशनल हाइवे में टोल की वसूली एनएचआई द्वारा की जाती है. इनके अलावा स्टेट की दो ऐसी सड़कें हैं, जहां विभाग द्वारा दो टोल की वसूली की जाती है. इन दो सड़कों को पब्लिक-प्राइवेट भागीदारी मोड के आधार पर बनाया गया है. इनमें पहली सड़क है आदित्यपुर-कांड्रा पथ, जिसकी लंबाई 15 किमी है. दूसरी सड़क चाईबासा-कांड्रा चौका पथ है, जिसकी कुल लंबाई 68.7 किमी है. यह डबल लेन रोड हैं. दोनों सड़कों पर बिडिंग प्रोसेस के जरिए टोल ऑपरेटर के जरिए टैक्स वसूला जाता है. इन दोनों सड़कों से राज्य सरकार को क्रमश: 8.64 करोड़ एवं 11.92 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है.

टोल के लिए इन पैमानों पर हुआ सर्वे

सड़क की लंबाई, वर्तमान में राइट ऑफ वे, सड़क की चौड़ाई, सड़क पर मालिकाना हक, सड़क से गुजरने वाले वाणिज्यिक वाहनों की संख्या.

सड़क की कैटेगरी, डबल लेन बनाने की लागत

पांच किमी से अधिक या बराबर की सड़कों की संख्या 255 है, जिनपर अधिकतम 4499 वाणिज्यक वाहन चलते हैं. दो लेन सड़क बनाने में लागत 6699 करोड़
10 किमी लंबाई वाली सड़कों की संख्या 173 है, जिनपर अधिकतम 3933 वाणिज्यक वाहन चलते हैं, दो लेन बनाने की लागत 5449 करोड़.

15 किमी की लंबाई वाली सड़कों की संख्या 121 है, इनपर औसतन 3292 वाहन चलते हैं. दो लेन बनाने की लागत 4375 करोड़.

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राज्य में सड़कों के स्वामित्व की स्थिति

ओनर पथ निर्माण सीसीएल खनन क्षेत्र वन आरइओ कुल

लंबाई 3130 72 1366 6 133 4856
नंबर 206 13 143 2 40 426
अच्छी 71 00 0 0 0 1 77
फेयर 93 07 22 0 1 1725
खराब 43 06 121 129

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