
Ranchi. नक्सली समर से तथाकथित बातचीत की सीडी मामले को लेकर रांची एसीबी की विशेष न्यायलय के न्यायाधीश दिनेश कुमार ने कांग्रेस नेता डॉ अजय कुमार को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया. बता दें कि मामले में अभियोजन की ओर से 16 निर्धारित तारीखों में एक भी गवाह प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसका लाभ उन्हें मिला.
अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने बताया कि इससे पहले मामले की सुनवाई मंगलवार को भी विशेष न्यायलय रांची सिविल कोर्ट में हुई थी. मामले की सुनवाई करते हुई अदालत ने धारा 313 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत डॉ अजय कुमार का बयान दर्ज किया था और बुधवार को अंतरिम निर्णय लेने की तारीख सुनिश्चित की थी.
इसे भी पढ़ें : Jharkhand : वर्ष 1994 के बाद राज्य के छह सरकारी संस्कृत स्कूलों में नहीं हुई नियुक्ति, गैर सरकारी संस्थान के भरोसे मध्यमा परीक्षा
चुनाव जीतने के लिए नक्सली से सांठगांठ का लगाया था आरोप
बता दें कि यह मामला वर्ष 2011का है, जब डॉ अजय झारखंड विकास मोर्चा पार्टी के प्रत्याशी थे. उस समय जमशेदपुर में लोकसभा के उपचुनाव में सरयू राय और डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने डॉ. अजय कुमार की नक्सली समर से तथाकथित बातचीत करने का आरोप लगाते हुए सीडी भी जारी की थी. उस समय लोकसभा के उपचुनाव में जमशेदपुर से डॉ अजय कुमार झारखंड विकास मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी से डॉ दिनेशानंद गोस्वामी उम्मीदवार के रूप में खड़े हुए थे. मतदान के दिन सरयू राय और डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने प्रेस कांफ्रेंस बुला कर सीडी जारी की थी. दोनों नेताओं की ओर से यह बताया गया था कि डॉ अजय कुमार ने चुनाव जीतने के लिए नक्सली समर से बात की थी.
इसका विरोध करते हुए डॉ अजय कुमार ने सरयू राय और दिनेशानंद गोस्वामी द्वारा जारी की गयी सीडी को फर्जी बताया और साकची थाना में उन दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. उनका कहना था कि षडयंत्र के तहत चुनाव को प्रभावित करने के लिए सीडी तैयार की गयी है. यह सीडी फर्जी है और चुनाव प्रभावित करने की कोशिश है. उनकी किसी नक्सली की बातचीत नहीं हुई है. इसके बाद से ये मामला जमशेदपुर न्यायलय में चल रहा था, जिसे रांची सिविल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था.
इसे भी पढ़ें : राज्य की नियुक्तियों के लिए और बढ़ेगा इंतजार, फिर से विभिन्न सेवा संवर्गों की नियमावली बदलेगी




