
Ranchi : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज एक अहम फैसला लेते हुए आदेश दिया है कि पूरे राज्य की एक समेकित जल योजना होगी. मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों की जल संचयन एवं जल सिंचन की योजनाओं के बदले एकीकृत जल योजना पर अंतर्विभागीय समिति के गठन को स्वीकृति दी है. जल योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, जल स्रोतों का नवीकरण, वर्षा जल का सदुपयोग संबंधित कार्य योजना के लिए सामूहिक रूप से लागू किया जायेगा.
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एकीकृत जल योजना से क्या लाभ होगा
जल संचयन एवं जल सिंचन के लिए जल संसाधन विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, वन, पर्यावरण जलवायु परिवर्तन विभाग तथा कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के द्वारा अलग-अलग योजनाएं चलाई जाती हैं जिसके लिए अलग अलग बजट भी होते हैं. ऐसे में एकीकृत योजना क्रियान्वयन का यह लाभ होगा कि किसी क्षेत्र में दोहरी योजना के क्रियान्वयन से बचा जा सकेगा. साथ ही, जल सिंचन से रहित क्षेत्र में जल संचयन एवं जल सिंचन का कार्य हो सकेगा.
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राज्य के विकास आयुक्त अध्यक्ष आयुक्त होंगे
अंतर्विभागीय समिति के अध्यक्ष राज्य के विकास आयुक्त होंगे. जल संसाधन विभाग के सचिव इस समिति के सदस्य सचिव होंगे. वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग एवं कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव इस समिति के सदस्य होंगे.
जल योजना एक अभियान के रूप में चलेगी
इस जल योजना को एक अभियान के रूप में पूरे राज्य में समयबद्ध संचालित किया जायेगा. इस योजना का प्रचार-प्रसार तथा जागरूकता अभियान व्यापक रूप से चलाया जायेगा. हर 15 दिन में इसकी मोनिटरिंग होगी. वही योजना के सफल संचालन के लिए पूरे राज्य में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा अन्य मीडिया के साथ बड़े पैमाने पर जन जागरुकता अभियान चलाया जायेगा.
15 जून 2019 को दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रमुख एजेंडा था. नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों से जल संचयन तथा जल सिंचन पर व्यापक रूप से अभियान चलाने को कहा था.




