
New Delhi: भारत और चीन के बीच बीते कई दिनों से तनाव जारी है. दोनों देशों के बीच बातचीत पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. पहले दोनों पक्षों के बीच कई दौर की मीटिंग हो चुकी है.
ये मीटिंग बिना किसी नतीजा के खत्म हुई थी. वहीं दूसरी ओर दोनों ही देशों ने विवादों को सुलझाने के लिए किसी तीसरे की मध्यस्थता को नकार दिया है. शनिवार को दोनों देशों के बीच बैठक होगी.
5-6 मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
पिछले करीब एक महीने से भारत और चीन के बीच तनाव जारी है. फिलहाल गलवान घाटी समेत कई इलाकों में भारत और चीन की सेना आमने-सामने आ गयी है. इसे लेकर शनिवार को बैठक होने वाली है.
इस बैठक का नेतृत्व भारत की ओर से लेफ्टिनेंट नजरल हरिंदर सिंह करेंगे. वहीं उनके साथ इस बैठक में मेजर नजरल बापट और ब्रिगेडियर एवं कर्नल लेवल के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. बैठक में 5-6 मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जतायी जा रही है.
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गलवान इलाके में दोनों तरफ की सेना आमने-सामने
बैठक के दौरान गलवान इलाके को लेकर भारत चीन को दो-टूक कह सकता है. गौरतलब है कि गलवान इलाका बहुत ही अहम इलाका माना जाता है, क्योंकि यह इलाका कारारोरम दर्रे को जोड़ता है. फिलहाल इस इलाके में दोनों तरफ की सेना आमने-सामने हैं.
सीमा पर तनाव कम करने पर विचार
एक महीने से सीमा पर जारी विवाद को कम करने के तरीकों पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है. इससे पहले डोकलाम पर दोनों देशों के बीच काफी तनाव हुआ था. इसके बाद एक बार फिर से दोनों देशों के बीच विवाद इतना बढ़ा है. भारत के लड़ाकू विमान पूरी तरह से तैयार हैं. वहीं चीन के जंगी विमान भी हवा में उड़ रहे हैं. इस सभी तनाव को कम करने पर चर्चा की जायेगी.
LAC पर बढ़ी निगरानी साथ ही चीनी स्ट्रक्चर पर भी होगी बात
लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक 3488 किमी लंबी एलएसी है. इस लंबी LAC पर भारत ने सेना की तैनाती बढ़ा दी है. उत्तराखंड और सिक्किम सीमा पर भारत ने सेना के अतिरिक्त टीम को भेजा है. भारत द्वारा ऐसा किया जाने से पहले खबर थी कि चीन इन सीमाओं पर बड़ी संख्या में अपने सैनीक तैनात कर रहा है. इसके अलावा चीन के बंकर बनाने पर भी बात होगी. यह बंकर LAC के करीब चीन बनायेगा. बैठक में चीन को ऐसे स्ट्रक्चर को हटाने के लिए भारत कह सकता है.
दोनों देश की सेना सीमा पर आमने-सामने
शनिवार को दोनों देशों के बीच होने वाली बैठक से पहले है सीमा पर गतिविधियां बढ़ गयी हैं. भारत ने LAC पर अपनी पोजीशन मजबूत कर ली है. साथ ही एयरफोर्स को भी अलर्ट पर रखा है.
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सैनिकों की संख्या कम करने पर हो सकती है चर्चा
दोनों देश की सेना सीमा पर काफी संख्या में मौजूद है. भारत और चीन सीमा पर सैनियों की संख्या कम करने पर भी बात हो सकती है. गौरतलब है कि ऐसी खबरें थी कि चीनी सेना LAC के कुछ इलाकों में अंदर घूस गयी है. इसके बाद भारत ने सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है. फिलहाल दोनों देशों की ओर से सीमा पर हजारों की संख्या में सैनिक तैनात हैं. इसे घटना पर बैठक में चर्चा होगी.
फिंगर एरिया पर भी बात
जानकारी के अनुसार ईस्टर्न लद्दाख में फिंगर-4 के पास भारत और चीन की सेना आमने-सामने डटे हैं. यहां पैंगोग शो लेक से आगे 8 पहाड़ हैं. पहाड़ों के इन अलग-अलग उभार को फिंगर 1 से लेकर 8 तक के नाम दिये गये हैं. भारत ने यहा दावा किया है कि फिंगर 1 से 8 तक के इलाके उसके हैं. वहीं चीन फिंगर 2 से 8 तक के इलाकों को अपना बताता है. बैठक में इस मुद्दे पर भी बात हो सकती है. चीन से यह जवाब मांगा जा सकता है कि वह फिंगर एरिया 2 में क्यों पहुंचा?
करीब एक महीने से सीमा पर तनाव
डोकलाम गतिरोध के बाद प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच अप्रैल 2018 में चीन के वुहान शहर में पहला अनौपचारिक शिखर सम्मेलन हुआ था. इस दौरान दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी सेनाओं को संपर्क मजबूत करने के लिए रणनीतिक दिशा-निर्देश जारी करने का निर्णय किया था. मोदी और शी के बीच पिछले साल अक्टूबर में चेन्नई के पास ममल्लापुरम में दूसरा अनौपचारिक शिखर सम्मेलन हुआ था, जिसमें उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तारित करने पर ध्यान केंद्रित किया था.
झाओ ने कहा, ‘हमने भारत और चीन के बीच संबंधित संधि का कड़ाई से पालन किया है और हम देश की संप्रभुता और सुरक्षा को बरकरार रखने तथा साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’
पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच लगभग चार सप्ताह से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनातनी चली आ रही है. दोनों देश विवाद के समाधान के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर वार्ता कर रहे हैं.
दोनों देशों के सैनिक गत पांच मई को पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग त्सो क्षेत्र में लोहे की छड़ और लाठी-डंडे लेकर आपस में भिड़ गए थे. उनके बीच पथराव भी हुआ था. इस घटना में दोनों पक्षों के सैनिक घायल हुए थे. इसी तरह की एक घटना में नौ मई को सिक्किम सेक्टर में नाकू ला दर्रे के पास लगभग 150 भारतीय और चीनी सैनिक आपस में भिड़ गये थे.
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