
Ranchi: राज्य में दो साल बाद सोलर स्ट्रीट लाइट के लिये टेंडर फाइनल किया गया. साल 2018 के बाद से राज्य में नये सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्वीकृति नहीं दी गयी थी.
झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी जरेडा की ओर से सोलर स्ट्रीट लाइट की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. जल्द ही वर्क ऑर्डर इश्यू किया जायेगा. जरेडा से मिली जानकारी के अनुसार साल 2018-19 और 2019-20 में नये सोलर स्ट्रीट लाइट के लिये जरेडा की ओर से टेंडर नहीं किया गया.
क्योंकि सरकार की ओर से सौर ऊर्जा के किसी प्रोजेक्ट की फंडिंग नहीं की गयी. वहीं जरेडा की ओर से 2017 की योजनाओं को भी पूरा नहीं किया. जिसके कारण उर्जा विभाग ने किसी भी योजना में तत्परता नहीं दिखायी.
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छह हजार सोलर स्ट्रीट लाइट लगाये जायेंगे
साल 2018-19 में लगायी जाने वाली छह हजार सोलर स्ट्रीट लाइटों का टेंडर 2018 में निकाला गया था. लेकिन उस समय टेंडर प्रक्रिया रोक दी गयी थी. ऐसे में दिसंबर 2019 में आचार संहिता हटते ही जरेडा ने टेंडर फाइनल किया.
यह टेंडर स्टैटिक एंटरप्राइजेज रांची नाम के एजेंसी को दी गयी है. टेंडर में इसकी रेट सबसे कम रही. प्रत्येक स्ट्रीट लाइट की कीमत एजेंसी की ओर से दस हजार 285 रुपये लगायी गयी है. इसमें खंभे की कीमत भी जुड़ी हुई है. ऐसे में पिछले दो साल से जरेडा की ओर से साल 2017 की योजनाओं का ही निपटारा किया जा रहा था.
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दो साल बाद पूरा होगा लक्ष्य
साल 2018-19 के छह हजार सोलर स्ट्रीट लाइट लगाये जाने की योजना साल 2020-21 में पूरी होगी. जरेडा से यह जानकारी मिली कि इस काम को पूरा करने के बाद साल 2019-20 के लक्ष्यों पर काम किया जायेगा.
गौरतलब है कि सोलर स्ट्रीट लाइटें सुदूरवर्ती क्षेत्रों में लगायीं जाती हैं, जहां बिजली की सामान्य सेवा उपलब्ध कराना मुश्किल हो. साल 2017 में 1400 स्ट्रीट लाइट लगायी जानी थी लेकिन अबतक मात्र 463 ही लगयीं गयी हैं.
ऐसे में जरेडा को इस वित्तिय वर्ष में अधिक कामों का निष्पादन करना होगा. 2016-17 में भी सोलर स्ट्रीट लाइट नहीं लगायी गयी, क्योंकि इस साल के लिये विभाग ने ना तो लक्ष्य दिया और ना ही फंड.




