
Aligarh : यूपी में अलीगढ़ के एक मदरसा परिसर में मंदिर और मस्जिद दोनों का निर्माण कराया जायेगा. खबर है कि पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी द्वारा संचालित मदरसे ने हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने के लिए अपने परिसर में अगल-बगल मंदिर और मस्जिद बनानेका फैसला किया है.
अल नूर चैरिटेबल सोसायटी द्वारा संचालित चाचा नेहरू मदरसे में पढ़ने वाले मुस्लिम और हिंदू छात्रों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया है. सोसायटी की सचिव और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी ने रविवार को भाषा को जानकारी दी कि उनके मदरसे में लगभग 4000 मुस्लिम और लगभग 1000 हिंदू छात्र पढ़ते हैं. उनके अनुसार मदरसे के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को नमाज पढ़ने या पूजा करने के लिए बाहर जाना पड़ता है. इस वजह से मदरसा प्रबंधन ने यह फैसला किया है किपरिसर के अंदर ही मंदिर और मस्जिद आसपास निर्माण कराया जाये.
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मंदिर निर्माण को लेकर कट्टरपंथी आपत्ति जता रहे हैं
मदरसे में मंदिर निर्माण को लेकर कुछ कट्टरपंथी आपत्ति जता रहे हैं, इस पर सलमा ने कहा कि उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि कोई क्या कह रहा है. दो महीने में मदरसे में मंदिर और मस्जिद दोनों बनकर तैयार हो जायें. आज जब मॉब लिंचिंग के जरिए नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है, ऐसे में चाचा नेहरू मदरसा भाईचारे की मिसाल माना जा सकता है और मदरसा प्रशासन परिसर में मंदिर और मस्जिद का निर्माण कराकर आपसी मोहब्बत के इस बंधन को और मजबूत करना चाहता है.
जान नें कि सलमा अंसारी ने अलीगढ़ के भबोला मेंदो दशक पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बिल्कुल नजदीक चाचा नेहरू मदरसे की स्थापना की थी. उस वक्त हामिद अंसारी विश्वविद्यालय के कुलपति थे.




