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सरकार ने रसोइया-संयोजिका के पांच सौ रुपये तो बढ़ा दिये, पर संघ अब भी आंदोलन के मूड में

  • 23 फरवरी को पंद्रह सूत्री मांगों के लिए करेंगे सीएम आवास का घेराव
  • बजट सत्र के दौरान मांगों के लिए होगा अनिश्चिकालीन धरना

Ranchi : झारखंड प्रदेश रसोईया संयोजिका संघ 23 फरवरी को सीएम आवास का घेराव करेगा. सीएम से सामने पंद्रह सूत्री मांग रखी जायेगी. संघ के अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले दिनों रसोईया संयोजिका को मिलनेवाले मानदेय में 500 रुपये में वृद्धि की है.

वृद्धि की घोषणा राज्य सरकार ने पिछले साल की थी. जिसे अब लागू किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब रसोईया-संयोजिका को दो हजार रुपये मिलेंगे, जो पहले महज पंद्रह सौ थे. श्री प्रजापति ने कहा कि इसके साथ ही संघ की अन्य मांगें भी हैं.

जिसके लिए आंदोलन की तैयारी कर ली गयी है. सीएम आवास घेराव के साथ के बाद संघ की ओर से अनिश्चिकालीन धरना की योजना है. धरना बजट सत्र के दौरान दिया जायेगा.

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ये है मांग

श्री प्रजापति ने कहा कि घोषणा के एक साल बाद राज्य सरकार ने पांच सौ रुपये बढ़ाने का निर्णय लिया. जबकि संघ की मांगों में हर बार आश्वासन ही मिला. लेकिन मांगों को पूरा नहीं किया जाता. पिछले 17 सालों से रसोइया कर्मी 42 रुपये रोजाना पर काम कर रहे हैं.

अब आंदोलन का रास्ता ही बचा है. उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द रसोइया कर्मियों की मांगें पूरी की जायें. मुख्य मांगों में मिड डे मील कर्मियों का स्थायीकरण, न्यूनतम 18000 प्रति माह का वेतन, हटायी गयीं 8000 रसोइया संयोजिका की वापसी, मर्ज विद्यालयों को फिर से खोलना आदि शामिल है. बता दें राज्य में रसोइया संयोजिकाओं की कुल संख्या दो लाख 37 हजार है.

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