
NewDelhi : जम्मू-कश्मीर में Article 370 को रद्द करने को चुनौती देनेवाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों वाली संविधान पीठ एक अक्तूबर से सुनवाई शुरू करेगी. याचिकाओं पर सुनवाई के लिए संविधान पीठ का गठन हो गया है. जस्टिस एन वी रमणा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ में जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस सुभाष रेड्डी, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस सूर्यकांत होंगे. जान लें कि सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से Article 370 के हटने के बाद से सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ कई याचिकाएं दायर की गयी हैं.
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जम्मू कश्मीर दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित
केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू और कश्मीर में Article 370 के प्रावधानों को खत्म किये जाने से जुड़े कई मामलों में सुनवाई की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उसे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से रिपोर्ट मिली थी कि जो जम्मू-कश्मीर में लोगों के हाईकोर्ट से संपर्क करने में असमर्थ होने संबंधी दावे का समर्थन नहीं करती.
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पीठ ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य न्यायाधीश से रिपोर्ट मांगी थी.
कश्मीर में बच्चों को कथित तौर पर हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाने वाले बाल अधिकार कार्यकर्ता इनाक्षी गांगुली और शांता सिन्हा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि घाटी के लोग वहां उच्च न्यायालय से संपर्क नहीं साध पा रहे हैं. इसके बाद पीठ ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य न्यायाधीश से इस बारे में रिपोर्ट मांगी थी.
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